टोल प्लाजा कान्ट्रैक्टर को कर्मचारी ने लगाया 23 लाख का चूना

मुजफ्फरनगर। हिमाचल प्रदेश में टोल प्लाजा चलाने वाले शहर के कारोबारी को उसके ही कर्मचारी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 23.62 लाख रुपये का चूना लगा दिया। कर्मचारी टोल प्लाजा के कान्ट्रैक्टर से धोखाधड़ी करते हुए ये रकम लेकर कार से फरार हो गया है। पीड़ित ने मामले की सूचना थाना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। पीड़ित चक्कर लगाकर थका तो उसने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद एसएसपी के आदेश पर थाने में पुलिस ने कर्मचारी सहित चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है। शहर के मौहल्ला आनन्द विहार सरकूलर रोड निवासी कारोबारी विनोद कुमार मलिक बड़े कान्ट्रैक्टर हैं। वो हिमाचल प्रदेश में अपनी कंपनी वीकेएम के जरिये काला आम्ब क्षेत्र में टोल प्लाजा को कान्ट्रैक्ट पर चला रहे हैं। विनोद मलिक के अनुसार इसी टोल पर नवीन कुमार हुड्डा पुत्र सुरेन्द्र पाल सिंह निवासी गांव भन्हेडा कांधला जनपद शामली कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहा। 31 मार्च को टोल प्लाजा का वार्षिक ठेका पूर्ण होने पर विनोद मलिक ने अपने कर्मचारी नवीन हुड्डा को फोन किया। विनोद ने बताया कि उन्होंने उसको टोल बंद होने की जानकारी देते हुए वहां पर हुई टोल शुल्क वसूली का पैसा टोल टैक्स प्रभारी मोहित से प्राप्त कर मुजफ्फरनगर आकर उनको जमा कराने के लिए कहा था, नवीन ने मोहित से पैसे लिए, मुजफ्फरनगर आया और उनको पैसा दिये बगैर ही अपने तीन साथियों को लेकर उनसे धोखाधड़ी करते हुए रकम और कार लेकर फरार हो गया। विनोद मलिक ने इस सम्बंध में सिविल लाइन पुलिस को तहरीर दी, आरोप है कि पुलिस ने कोई भी सुनवाई नहीं की तो विनोद ने एसएसपी अभिषेक सिंह को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 01 अपै्रल को नवीन एक स्विफ्ट कार संख्या यूपी17यू-1620 से मुजफ्फरनगर आया। नवीन ने सरकूलर रोड पर विनोद मलिक से मुलाकात की। विनोद के अनुसार उस समय काम में नवीन और उसके तीन साथी निशान्त पुत्र अशोक निवासी खेड़की बडौत जिला बागपत, अरूण पुत्र कृष्णपाल निवासीा ग्राम शाहपुर बडौली जिला बागपत और राजीव पूर्व प्रधान जीवाना थाना रमाला बागपत भी मौजूद थे। इस मुलाकात के दौरान नवीन से विनोद ने रकम के बारे में पूछा तो उसको बताया गया कि टोल प्रभारी मोहित से उसने 20 लाख 12 हजार 882 रुपये लिये और 1.50 लाख रुपये का माल बेचकर आये हैं। कुल 23 लाख 62 हजार 882 रुपये नवीन ने अपने पास बताये। विनोद का आरोप है कि उसने नवीन को रकम के साथ कोर्ट रोड स्थित पीएनबी शाखा पहुंचने के लिए कहा, क्योंकि वहां रकम जमा करानी थी। विनोद अपनी कार से बैंक पहुंच गये, लेकिन नवीन काफी इंतजार के बाद भी बैंक नहीं पहुंचा। फोन किया तो वो भी बंद मिला। विनोद का आरोप है कि नवीन ने अपनी तीनों साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करते हुए उनकी रकम हड़प ली और फरार हो गये। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने शुक्रवार शाम विनोद की तहरीर के आधार पर नवीन सहित चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 406 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया है।

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