एम.जी. पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास से मनाया मदर्स डे, मंच पर नन्हें बच्चों ने मां संग किया नृत्य

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में मदर्स डे हर्षोल्लास से मनाया गया। इस विशेष उत्सव के दौरान विद्यालय के प्राइमरी विंग के नन्हे मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रभावी मंचीय प्रस्तुतियों और प्रेरणादायी नाट्य प्रदर्शन के सहारे जीवन में मां के महत्व को समझाने का सुन्दर प्रयास किया तो वहीं बच्चों ने अपने कार्यक्रम के माध्यम से घरों में मां और बच्चों के बीच होती छोटी छोटी मीठी नौंकझोंक के प्रस्तुतिकरण से सभी को खूब गुदगुदाने के साथ बातों ही बातों में प्रेरक संदेश देने का काम भी किया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में गुरूवार को मदर्स डे पर प्राइमरी विंग की ओर से विशेष उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में आई सभी माताओं को शिक्षिकाओं ने ‘आई लव यू मॉम’ के संदेश के साथ छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किये गये हैंड मेड बैज लगाकर स्वागत किया गया। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद नर्सरी के छोटे बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति अपने स्नेह का प्रदर्शन करने के लिए सुन्दर मंचीय नृत्य प्रस्तुति दी। आई लव माई मॉम गीत पर बच्चों ने नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी का मन जीत लिया।

कक्षा एक और दो की छात्राओं ने हिन्दी तथा अंग्रेजी में मां पर आधारित कविताओं को प्रस्तुत करते हुए अपनी भावनाओं को प्रकट किया। एलकेजी और यूकेजी कक्षाओं के नन्हे मुन्ने बच्चों ने अपने गीत और डांस से भी को प्रभावित किया। कक्षा-1 और कक्षा-2 के छात्र छात्राओं ने गीत संगीत आधारित अपनी प्रस्तुतियों को मां के पवित्र रिश्ते और स्वरूप को समर्पित की। कार्यक्रम में बच्चों ने अपने हास्य व्यंग्य पर आधारित लघु नाटिकाओं के माध्यम से जीवन में मां के महत्व को दर्शाने का काम किया तो वहीं मां और बच्चों के बीच होती तीखी-मीठी नौंकझोंक के सहारे प्रेरक संदेश देने में भी वो सफल नजर आये। अपने बच्चों के साथ कुछ माताओं ने भी नृत्य प्रस्तुति देकर मां और बच्चे के बीच के भावनात्मक रिश्तों और सुन्दर जुगलबंदी को पेश कर सभी की प्रशंसा बटोरी।

मदर्स डे उत्सव को सम्बोधित करते हुए प्रधानाचार्या श्रीमति मोनिका गर्ग ने कहा कि मां के लिए कोई दिन विशेष नहीं हो सकता, क्योंकि हर दिन ही मां का दिन होता है। इस धरती पर केवल मां को ही ईश्वर का स्वरूप माना गया है। यही कारण है कि मां से ही बच्चे की पहली शिक्षा शुरू होती है और जीवन का पहला शब्द भी मां ही है। आज मॉर्डन लाइफ में बच्चे डिजीटल जिन्दगी के आदि हो गए हैं। ऐसे में मोबाइल का काफी नकारात्मक प्रभाव भी बच्चों पर पड़ रहा है। ऐसे में मां की जिम्मेदारी ज्यादा बनती है कि वो इस डिजीटल लाइफ में बच्चों को संस्कृति और संस्कार से जोड़कर उनको जंक फूड से बचाकर स्वस्थ खानपान की आदत डालें। इसके लिए जरूरी है कि माता और पिता अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर बच्चों को अवश्य दें, उनसे बातें करें, उनको समझे और उनके साथ खेल खेलें, कहानियां सुनाएं, ऐसा करने से बच्चों का जीवन अनुशासित होगा और हम उनको एक बेहतर भविष्य दे पायेंगे। कार्यक्रम में इस पल को यादगार बनाने के लिए विद्यालय की ओर से मां और बच्चों के लिए सेल्फी प्वाइंट तथा टैटू कॉर्नर भी बनाये गये थे। माताओं ने यहां पर जमकर सेल्फी ली।

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कार्यक्रम की एंकरिंग कक्षा-5 की छात्रा वृन्दा और कक्षा-4 के छात्र माहिर वत्स ने सुन्दर ढंग से की। कार्यक्रम की सफलता में प्राइमरी विंग की इंचार्ज कविता रावल सहित अन्य शिक्षिकाओं और विद्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने सभी माताओं के साथ ही सभी शिक्षिकाओं को मदर्स डे की शुभकानाएं दी। 

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