भाकियू अराजनैतिक ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा सीएम योगी के नाम दिया ज्ञापन, अवैध खनन और कानून तोड़ने वाले संगठनों पर जताया आक्रोश
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने किसान संगठनों के नाम पर हो रही अवैध गतिविधियों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाओं को लेकर प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने आज जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में संगठन के युवा मंडल प्रभारी कुशलवीर ने कहा कि कई किसान संगठन खुद अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकाम हैं और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग पीड़ितों से संपर्क करने पर अक्सर कहते हैं कि यह फोन किसी अन्य संगठन के लोगों द्वारा किया गया है, जिससे न्याय की प्रक्रिया बाधित हो रही है। संगठन के जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार ने कहा कि लोग थानों के अंदर धरना दे रहे हैं और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर थानेदार सही हैं तो थानों के भीतर धरना क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब पुलिस प्रशासन से ही अपेक्षित है।

धरने को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि अवैध खनन, वाहनों के डिस्पोजल और अवैध वाहनों के संचालन किसान संगठनों के झंडों के साथ हो रहे हैं, जिससे संगठनों की साख पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी भी यह मानते हैं कि ष्कुछ देर पहले हरे गमछे वाले आए थेष्, इस प्रकार की घटनाओं से संगठन की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। मलिक ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसान संगठनों को अपने सदस्यों पर नियंत्रण रखना होगा, अन्यथा प्रशासन को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था पर काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ संगठन इस आड़ में कानून तोड़ रहे हैं।
संगठन की ओर से धरने पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को ज्ञापन सौंपा, संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुझाव दिए हैं कि सभी किसान संगठनों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाए, सोशल मीडिया और सभाओं में फैल रही गलत जानकारी पर रोक लगे, किसान दिवस के आयोजन में केवल पंजीकृत संगठनों को शामिल किया जाए और अराजक आंदोलनों में शामिल संगठनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। धर्मेंद्र मलिक ने पत्र में यह स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य वास्तविक किसानों के हितों की रक्षा करना है और वे राज्य सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। धरने में संजीव बाबा, अंकित जावल, प्रवीण पंवार, योगेंद्र पंवार, विपिन त्यागी और शहजाद राव सहित अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सानूर राणा, मोहसिन, अमित, सुमित दोहड़, गुड्डू मंगली, विजय दीक्षित, जाबिर राणा समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।






