कीटनाशक उत्पादन इकाईयों और दुकानों सहित 10 ठिकानों पर केंद्रीय टीम ने एक साथ की छापेमारी, व्यापारियों से आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा
मुजफ्फरनगर। जिले में पेस्टीसाइड निर्माण इकाईयों और बिक्री केंद्रों पर केंद्रीय निगरानी सख्त हो गई है। केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला की टीम ने विभिन्न औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में छापेमारी कर सैंपल एकत्र किए। कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालकों और दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति रही।

फरीदाबाद स्थित केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला की टीम ने बहादरपुर, जानसठ रोड, पुरकाजी खादर और बेहड़ा अस्सा समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। टीम ने 7 पेस्टीसाइड निर्माण इकाइयों से सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे। जांच के दौरान कच्चे माल, तैयार उत्पाद और लेखा-जोखा की बारीकी से पड़ताल की गई, ताकि गुणवत्ता मानकों और लाइसेंस शर्तों के पालन की पुष्टि की जा सके।

इस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय टीम में शामिल अधिकारियों ने जनपद में कीटनाशक निर्माण करने वाली औद्योगिक इकाई बहादरपुर स्थित चक्रधर पेस्टीसाइड, जानसठ रोड की नॉर्दन पेस्टीसाइड, जानसठ की ज्योति एग्रो केमिकल, पुरकाजी खादर की रेड जोन, बेहड़ा अस्सा की टेराग्रीन के साथ ही अन्य दो इकाइयों पर छापा मारा। सभी स्थानों से कुल 7 सैंपल एकत्र किए गए हैं। उत्पादन इकाईयों के साथ ही टीम ने इनके बिक्री कंद्रों को भी निशाने पर रखा। अधिकारियों ने कूकड़ा क्षेत्र में शाकुंभरी बीज भंडार, गर्ग बीज भंडार और गंगा पेस्टीसाइड समेत कई प्रतिष्ठानों पर भी छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की गई और बीज व कीटनाशक का व्यापार करने वाले व्यापारियों से आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा गया।

छापों की इस कार्रवाई का नेतृत्व केंद्रीय टीम के केएल मीणा (सीआईआई एवं डीडी) ने किया। टीम में सहारनपुर मंडल के उपकृषि निदेशक (कृषि रक्षा) यतेंद्र सिंह और जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया शामिल रहे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि पेस्टीसाइड निर्माण इकाइयों और दुकानों सहित कुल 10 स्थानों पर जांच की गई। मौके पर कोई बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई, लेकिन सैंपल लिए गए, इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरे वेस्ट यूपी में चल रही है और पेस्टीसाइड की गुणवत्ता, लाइसेंस की जांच और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य पेस्टीसाइड की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मानकों का सख्ती से पालन कराना है।






