कृषि विभाग में संविदा भर्ती के नाम पर युवाओं से वसूली, फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेजों के साथ दो आरोपी दबोचे
मुजफ्फरनगर। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सिविल लाइन पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, सरकारी विभागों के नाम पर तैयार दस्तावेज, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और एक ब्रेजा कार बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कई राज्यों और जनपदों में युवाओं को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस के अनुसार शाहपुर क्षेत्र के गांव मंधेड़ा निवासी एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कृषि विभाग में संविदा पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे 1.50 लाख रुपये ठग लिए गए और बदले में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शामली मूल निवासी एवं वर्तमान में दिल्ली के करावल नगर निवासी नितिन तथा गाजियाबाद निवासी दीपक के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक ब्रेजा कार, तीन मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड, दो मेट्रो कार्ड, चार आधार कार्ड, कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के नाम से तैयार तीन फर्जी एम्प्लॉय रजिस्ट्रेशन एवं ज्वाइनिंग लेटर, आयकर विभाग के चार आवेदन पत्र तथा विभिन्न अभ्यर्थियों के नाम से तैयार 14 अन्य दस्तावेज बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सरकारी विभागों में भर्ती के नाम पर फर्जी विज्ञापन जारी करते थे। इसके बाद नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से संपर्क कर उन्हें संविदा नियुक्ति का भरोसा दिलाते और मोटी रकम वसूल लेते थे। बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज देकर फरार हो जाते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद, मऊ, आजमगढ़ और सहारनपुर के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी कई युवाओं को ठगी का शिकार बना चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और अब तक हुई ठगी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।






