रिश्वतकांड-मंत्री कपिल देव की नाराजगी पर सीटीओ हिमांशु सस्पेंड

मुजफ्फरनगर। जनपद में जीएसटी विभाग में पंजीकृत एक उद्योगपति कर दाता की गोपनीय जानकारी विभागीय स्तर पर चोरी करने के बाद उनको फोन कर छापा लगवाने का डर दिखाते हुए ब्लेकमेल कर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और धमकाने के गंभीर प्रकरण में उद्यमियों के हंगामे के बाद यूपी सरकार में मंत्री और नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल की कड़ी नाराजगी आखिरकार भारी पड़ ही गई। मंत्री ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर शासन में शिकायत की, इसके बाद तेजी से जांच हुई और देर रात ही आरोपी राज्य कर अधिकारी को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई।

राज्य कर विभाग ;जीएसटीद्ध मुजफ्फरनगर में तैनात राज्य कर अधिकारी हिमांशु सुधीर लाल को रिश्वत मांगने और करदाता को धमकाने के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। यह कार्रवाई श्री सन्मति एक्जिम इंडिया प्रा. लि. के डायरेक्टर उद्यमी राजेश जैन द्वारा की गई लिखित शिकायत के आधार पर हुई जांच के बाद की गई है।

उत्तर प्रदेश के राज्य कर आयुक्त डा. नितिन बंसल के द्वारा देर रात ही मामले में गंभीर संज्ञान लेकर सख्त कार्यवाही की। उन्होंने निलंबन आदेश जारी कर दिया। इसमें बताया गया कि उद्यमी राजेश जैन द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जीएसटी विभाग में तैनात सीटीओ हिमांशु सुधीर लाल ने उनसे न केवल अवैध रूप से धनराशि की मांग की, बल्कि धमकी भी दी। इस मामले में शिकायत संयुक्त आयुक्त सि(ेश चन्द्र दीक्षित को दी गई थी, जिनके द्वारा शिकायत पत्र जोन मुख्यालय को भेजा गया था। शिकायत की पुष्टि अपर आयुक्त ग्रेड-1, राज्य कर, सहारनपुर जोन द्वारा 30 जुलाई को ही राज्य मुख्यालय को प्रेषित किया गया और दोषी अधिकारी के खिलाफ दोष साबित होने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।

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आयुक्त डा. नितिन बंसल ने बताया कि राज्य कर विभाग द्वारा सम्यक विचार के पश्चात यह पाया गया कि हिमांशु सुधीर लाल ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियम का प्रथम दृष्टया उल्लंघन किया है। दोशी पाये जाने पर उन्हें निलम्बित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच प्रारम्भ की गई है। बताया कि निलम्बन की अवधि में हिमांशु सुधीर लाल को झांसी जोन के अपर आयुक्त, ग्रेड-1 कार्यालय से संब( किया गया है। इस अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा, बशर्ते कि वह यह प्रमाणित करें कि वह किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच संयुक्त आयुक्त (वि0अनु0शा0) राज्य कर विभााग झांसी संभाग को सौंपी गई है। जांच पूरी होने तक हिमांशु सुधीर लाल सेवा से निलम्बित रहेंगे।

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बता दें कि बुधवार को आईआईए के पदाधिकारियों ने इस प्रकरण पर गंभीर रोष जताते हुए जीएसटी कार्यालय सिटी सेंटर पहुंचकर हंगामा किया था और पीड़ित व्यापारी के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। इस कार्यवाही पर आईआईए के अध्यक्ष अमित जैन ने कार्यवाही को संगठन की जीत बताते हुए कहा कि मंत्री कपिल देव ने प्रकरण में बेहद गंभीर संज्ञान लिया और कार्यवाही होने तक वो लगातार सम्पर्क में बने रहे। दोषी अधिकारी को सजा मिली, ये बहुत बड़ी बात है। इससे एक विश्वास जागृत हुआ है। जीएसटी के अधिकारियों ने भी आईआईए का पक्ष सुना और गंभीरता दिखाई, हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं।

योगी राज में कोई अधिकारी न धमका सकता, न गुंडागर्दी कर सकताः कपिल देव

मुजफ्फरनगर में एक बहुत ही शर्मनाक घटना बुधवार को हुई, जिसमें एक जीएसटी विभाग के अधिकारी द्वारा उनको दबाव बनाकर अवैध वसूली करने के लिए धमकाया गया। इसके बाद जीएसटी अधिकारी के स्तर से ही आईआईए के अध्यक्ष को नोटिस देकर कार्यालय में तलब किया गया, जो गलत आचरण है। इससे प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। मामला मेरे संज्ञान में आया तो तत्काल ही राज्य कर विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराजन और राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल को बेहद सख्ती के साथ प्रकरण में कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति पर सरकार काम कर रही है। ऐसे मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जायेगा और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। मंत्री ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ऐसे गंभीर मामले में शासन ने देर रात तक जांच कराई और आरोपी अधिकारी को निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि जब यह घटना उनको बताई गई तो वो दिल्ली में थे और देर रात 11 बजे तक मुजफ्फरनगर से लखनऊ तक पूरे प्रकरण की मॉनीटरिंग की। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मैं ये एक बड़ी जिम्मेदारी के साथ विश्वास दिलाता हूं कि कोई भी व्यापारी या उद्यमी ऐसी किसी भी धमकी से दबाव में न आयें, योगी राज में कोई भी अधिकारी किसी को न धमका सकता है और न ही गुंडागर्दी कर सकता है, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं सख्ती के साथ कहता हूं कि जो भी ऐसी गुंडागर्दी करेगा, वो निश्चित रूप से दंडित होगा।

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