हरिद्वार: मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत – 29 घायल, करंट की अफवाह और चारदीवारी बनी हादसे की वजह

हरिद्वार, उत्तराखंड। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह दर्शन के दौरान भयानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 6 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 29 लोग घायल हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया।

हादसे की वजह: अफवाह और भीड़ गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि, “मंदिर में अत्यधिक भीड़ जमा हो जाने के कारण यह हादसा हुआ। सावन में हर रविवार भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो जाता है।”

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वहीं पुलिस का कहना है कि मंदिर की सीढ़ियों पर करंट फैलने की अफवाह फैली, जिससे अचानक भगदड़ मच गई। लोग घबराकर भागने लगे और कई लोग इस भागदौड़ में गिर पड़े।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने बताया: हमें 35 घायलों की सूचना मिली थी। सभी को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 6 की जान नहीं बचाई जा सकी। बाकी का इलाज जारी है।

पुजारी ने बताई एक और वजह: चारदीवारी बनी बाधा

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गंगा सभा से जुड़े पुजारी उज्ज्वल पंडित ने बताया कि, यह हादसा सुबह करीब 9 से 9:15 बजे के बीच हुआ, जब हमने तीर्थयात्रियों को चीखते और मदद मांगते सुना। यह केवल पैदल चलने वाला रास्ता है, इसलिए स्थिति जल्दी बेकाबू हो गई। उन्होंने आगे कहा:  मंदिर मार्ग के पास बनी एक चारदीवारी ने भगदड़ के दौरान लोगों के निकलने के रास्ते को संकरा कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए।



चश्मदीद का बयान उत्तर प्रदेश से आए एक तीर्थयात्री ने बताया: जो मैंने देखा, उससे साफ था कि करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल थे। जैसे ही हादसा हुआ, मंदिर के सभी द्वार बंद कर दिए गए और तीर्थयात्रियों को वापस लौटने को कहा गया।

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मनसा देवी मंदिर की स्थिति

हरिद्वार के शिवालिक पहाड़ियों पर बिल्व पर्वत पर स्थित मनसा देवी मंदिर हर की पौड़ी से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। यहां दर्शन के लिए श्रद्धालु 1.5 किमी की पैदल चढ़ाई या रोपवे से मंदिर तक पहुंचते हैं। सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में उमड़ती है।

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