खतौली अवैध पशु परिवहन का बड़ा मामला शनिवार को सामने आया, जब बुढ़ाना रोड से आ रही तिरपाल ढकी एक संदिग्ध डीसीएम को पकड़ लिया गया। वाहन से छह भैंस, एक गाय और उनके सात छोटे बच्चे अमानवीय स्थिति में बरामद हुए। पुलिस ने चालक और उसके साथी को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया।
खतौली अवैध पशु परिवहन: युवक की सतर्कता से खुलासा
बताया गया कि डीसीएम पूरी तरह तिरपाल से ढकी हुई थी। पीछे चल रहे एक युवक को शक तब हुआ, जब तिरपाल के बीच से एक छोटे बछड़े का मुंह बाहर दिखाई दिया। उसने तुरंत संगठन के संस्थापक पुनीत अरोरा को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई और वाहन का पीछा शुरू कर दिया। सोसाइटी गेट के सामने मौका पाकर टीम ने डीसीएम को घेरकर रुकवाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने जब वाहन की तलाशी ली, तो अंदर छह भैंस, एक गाय और उनके सात छोटे बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ पाया। पशुओं के बैठने, हिलने-डुलने और सांस लेने तक की उचित व्यवस्था नहीं थी।
पुलिस ने चालक को लिया हिरासत में
सूचना पर कोतवाल दिनेश चंद बघेल मौके पर पहुंचे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए उन्होंने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने चालक और उसके साथी को हिरासत में लेकर वाहन को कब्जे में ले लिया। देर रात संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
संगठन की मांग: सख्त कार्रवाई और नियमित चेकिंग
संगठन की ओर से मौके पर ही सभी पशुओं के लिए चारा और पानी की व्यवस्था की गई। संगठन का कहना है कि अवैध और अमानवीय तरीके से पशु परिवहन के मामलों में प्रशासन को सख्त रुख अपनाना चाहिए और नियमित चेकिंग अभियान चलाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। खतौली अवैध पशु परिवहन मामले ने पशु क्रूरता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






