सीएम योगी ने सुनी परिजनों की फरियाद, एसएसपी के आदेश पर कबूतरबाजी के सहारे ठगी करने पर प्रियांग और तालिब पर मुकदमा
मुजफ्फरनगर। विदेशों में एक अच्छी नौकरी के सहारे अपने और अपने परिवार के लिए आर्थिक संकट दूर करने का सपना संजोने वाले अनेक युवा कुछ कबूतरबाजों के चंगुल में फंसकर दिन रात रो रहे हैं, उनके परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं, ऐसे में कई युवाओं के साथ ठगी करने के बाद भी कानूनी कार्रवाई से बच रहे शातिर कबूतरबाज प्रियांक कुतुबपुरिया और उसके साथी तालिब पर अब योगीराज में कानूनी शिकंजा कसकर पुलिस ने सबक सिखाने की तैयारी कर ली है।
कस्बा मीरापुर के मोहल्ला मुश्तर्क निवासी तस्लीम पत्नी ईददू उर्फ फारुख ने मीरापुर थाने में तहरीर देकर अपने ही पड़ोसी तालिब पुत्र खालिद व उसके साथी गांव कुतुबपुर निवासी प्रियांक कुतुबपुरिया पुत्र रामकुमार पर उसके पुत्र वाहिद को दुबई में एक बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। पैसो लेने के बाद वाहिद को दुबई भेज दिया गया। आरोप है कि दस माह काम कराने के बाद कंपनी ने बकाया वेतन नहीं दिया और वाहिद को नौकरी से भी निकाल दिया। इसके बाद जब पीड़ित परिवार ने वाहिद की नौकरी की रकम दिलाने और उसकी नौकरी वापस कराने की मांग तालिब और प्रियांक से की तो आरोपियों ने टालमटोल की। इस बीच नौकरी छूटने और पैसा नहीं होने के कारण वाहिद की दुबई में हालत खराब हो गई और वो खाने से भी परेशान हो गया। इस पर पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब वो 27 फरवरी को तालिब के पास गई और वाहिद के लिए मदद मांगी तो तालिब ने अभद्र व्यवहार करते हुए उसके पुत्र की दुबई में ही हत्या करवाने की धमकी दी। महिला ने कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर मौहल्ला मुश्तर्क के ही निवासी इरशाद पुत्र इकबाल ने भी मीरापुर थाने में प्रियांक पुत्र रामकुमार के खिलाफ ठगी और धमकी के आरोप में तहरीर दी है। इरशाद ने पुलिस को बताया कि प्रियांक पिछले दिनों उनसे मिला था। इस दौरान उसने अपने भाई फरमान पुत्र इकबाल की दुबई में नौकरी की बात की। प्रियांक ने दावा किया कि वो दुबई में एक बड़ी परफ्यूम कंपनी में फरमान की अच्छी नौकरी लगवा सकता है। इसके लिए उसने 1.25 लाख रुपये की मांग की। इरशाद के अनुसार 12 सितम्बर 2025 और 26 सितम्बर को प्रियांक को दो किस्तों में उसने 85 हजार रुपये पेटीएम कर दिये और 40 हजार रुपये नगद दिये गये। इसके बाद फरमान दुबई चला गया, लेकिन वहां जाने के बाद फरमान को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसको अवैध रूप से बंधक बनाकर किसी दूसरी कंपनी में काम कराया गया। पैसे भी नहीं दिये गये। कंपनी की ओर से बताया गया कि उसको 45 दिन की टूरिस्ट वीजा पर यहां भेजा गया है। इसके लिए जब भी फरमान ने दुबई से प्रियांक को फोन कर शिकायत की तो कहा गया कि वो सभी कुछ ठीक कर देगा। बाद में प्रियांक ने इरशाद से कहा कि वो अपने भाई को वापस बुला ले, मैं सारे पैसे वापस कर दूंगा, फरमान को परिजनों ने खर्च कर वापस बुला लिया, लेकिन प्रियांक ने पैसे मांगने पर देने से इंकार करते हुए धमकियां देनी शुरू कर दी। मीरापुर प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि कबूतरबाजी के मामलों में आरोपी प्रियांक और तालिब के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
शातिर कबूतरबाज है प्रियांक, विदेश में नौकरी के नाम पर दस लोगों को ठगा
गांव कुतुबपुर जोकि अपने सियासी रसूख के कारण प्रदेश के साथ ही देश में भी एक पहचान रखता है, आजकल शातिर कबूतरबाज प्रियांक पुत्र रामकुमार के शातिराना अंदाज और ठगी के मामलों के कारण सुर्खियों में है। प्रियांक ने वाहिद और फरमान को ही दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर नहीं ठगा, ऐसे दस युवाओं को सपने दिखाकर उनके परिवारों से करीब 15 से 20 लाख रुपये की धनराशि समेटकर फरार हो गया है। प्रियांक की कबूतरबाजी से पीड़ित इरशाद पुत्र इकबाल के अनुसार प्रियांक ने अपने साथियों के साथ मिलकर मीरापुर क्षेत्र के नौ युवाओं के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी की है, इनमें उसके भाई फरमान पुत्र इकबाल और वाहिद पुत्र ईद्दू के अलावा मौहल्ला मुश्तर्क कस्बा मीरापुर निवासी रिहान पुत्र साजिद, काशिफ पुत्र सरफराज और सुहैल पुत्र अनीस, गांव मुझेडा निवासी उजेफर पुत्र महबूब, शोएब पुत्र इकरामुदीन, गांव कैथोडा निवासी शोएब पुत्र इसरार और अनस पुत्र इस्लाम के अलावा गांव संभलहेड़ा निवासी जीशान पुत्र इरफान से भी विदेशों में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की।
कबूतरबाजी के पैसों से विदेशों में घूमता रहा प्रियांक, मां-पिता भी शामिल
गांव कुतुबपुर निवासी प्रियांक कबूतरबाजी से कमाये गये पैसों से खुद तो अय्याशी और ऐश करता ही रहा, अपने पिता और माता को भी उसने विदेशों में खूब सैर कराई है। पीड़ितों ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि कबूतरबाजी के सहारे ठगी का एक संगठित गिरोह चलाने वाले प्रियांक पुत्र रामकुमार ने कई बार विदेशों की यात्राएं की हैं। इनमें प्रियांक द्वारा 3 बार न्यूजीलैंड, 3 बार दुबई और एक बार ऑस्ट्रेलिया की सैर की गई है। उसके पतिा राम कुमार भी 3 बार अमेरिका में घूमने के लिए गए और माता सुधा पत्नी रामकुमार भी 2 बार अमेरिका और 1 बार ऑस्ट्रेलिया में घूमने के लिए गई। पीड़ितों ने पुलिस से मांग की है कि दुनिया के नामचीन देशों में घूमने के लिए मोटी रकम खर्च होती है, ऐसे में प्रियांक और उसके परिजनों के पास इतनी अय्याशी और सैर सपाटे के लिए पैसे कहां से आ रहे हैं, इनकी आय का क्या साधन है, ऐसे बिन्दुओं पर भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संगठित गिराहे चलाने पर इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज करने और इनकी चल अचल संपत्ति को कुर्क करने की भी मांग की है।






