मेरठ स्कूल बस हादसा में बुधवार सुबह बड़ा अनहोना टल गया, जब दौराला-लावड़ मार्ग पर 35 बच्चों से भरी सेंट मैरी स्कूल की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बस के शीशे तोड़कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों का उपचार जारी है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में यह हादसा उस समय हुआ, जब दौराला स्थित सेंट मैरी स्कूल की बस ग्रामीण इलाकों से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी।
बस पलटते ही अंदर फंसे बच्चों की चीखें सुनकर आसपास अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, बस जैसे ही दौराला-लावड़ मार्ग पर पहुंची, चालक ने अचानक बस पर से नियंत्रण खो दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, बस की रफ्तार काफी तेज थी और सड़क किनारे ढलान होने के कारण वह पूरी तरह पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार बच्चों में दहशत फैल गई। बाहर निकालने के बाद भी कई बच्चे लगातार रोते रहे और उनके चेहरों पर खौफ साफ देखा जा सकता था।
बस के पलटते ही अंदर फंसे बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर मौके की ओर दौड़े। बस के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण बच्चे अंदर ही फंस गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने ईंट और पत्थरों की मदद से बस के शीशे और खिड़कियां तोड़नी शुरू कीं। इसके बाद एक-एक करके रोते-बिलखते बच्चों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची।
चोटिल बच्चों को पास के अस्पताल में भेजा गया है। हादसे की खबर गांव में पहुंचते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। बदहवास अभिभावक घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश बच्चों को मामूली चोटें और खरोंचें आई हैं। वहीं 3-4 बच्चों को फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट होने के कारण निगरानी में रखा गया है। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर कई माता-पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। हादसे के बाद पूरे इलाके में तनाव और बेचैनी का माहौल बना रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सीधा किया और अपने कब्जे में ले लिया है।
शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार या स्टेयरिंग फेल होना बताई जा रही है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या चालक के पास वैध लाइसेंस था और क्या बस का फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त तो नहीं हो गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर स्कूल प्रबंधन और बस चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
यह हादसा एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा, चालक की जिम्मेदारी और फिटनेस जांच जैसे सवालों को सामने ला रहा है। बच्चों की सुरक्षा में जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी घटना में बदल सकती है, मेरठ की यह घटना उसका ताजा उदाहरण बन गई है।






