2026 में हो रहे सपने साकार, मोरना चीनी मिल के विस्तार का सपना हुआ साकार, हस्तिनापुर को मिला ऐतिहासिक दर्जा
मुजफ्फरनगर। बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के लिए वर्ष 2026-27 का आम बजट विकास और विरासत संरक्षण के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुआ है। क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित मुद्दों पर ठोस निर्णय लेते हुए केन्द्र सरकार ने जहां हस्तिनापुर को एक जीवंत पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है, वहीं वर्षों से आंदोलनरत किसानों के लिए मोरना स्थित दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल के क्षमता विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इन उपलब्धियों के पीछे सांसद एवं राष्ट्रीय लोकदल की युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन सिंह चौहान के सतत प्रयास निर्णायक साबित हुए हैं और उनकी लोकसभा क्षेत्र को योगी-मोदी सरकारों से विकास की दोहरी सौगात ने क्षेत्र में जश्न का आलम पैदा करने का अवसर दिया है।
सांसद चंदन सिंह चौहान की लोकसभा क्षेत्र बिजनौर को इस बार उत्तर प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार से दोहरी बड़ी सौगात मिली है। एक ओर जहां वर्षों से संघर्ष कर रहे किसानों की मांग पर दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना के क्षमता विस्तार का सपना साकार हुआ है, वहीं दूसरी ओर भारत की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहर हस्तिनापुर को आम बजट 2026-27 में विशेष स्थान मिला है। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा बजट भाषण में हस्तिनापुर को एक जीवंत पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की गई। यह घोषणा क्षेत्रवासियों की एक अत्यंत पुरानी और जनभावनाओं से जुड़ी मांग रही है, जिसे लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे।

सांसद चंदन सिंह चौहान ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हस्तिनापुर के विकास का विषय उनके पिता, स्वर्गीय संजय चौहान द्वारा अपने सांसद कार्यकाल के दौरान संसद में कई बार प्रभावी रूप से उठाया गया था। उन्होंने कहा कि अपने पिता के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने संसद में नियम 377 के अंतर्गत इस विषय को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया था। सांसद चंदन चौहान ने बताया कि उनके पत्र के उत्तर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई थी, जिसके बाद यह विषय लगातार केंद्र सरकार के विचाराधीन रहा। बजट सत्र में हस्तिनापुर के समग्र विकास की घोषणा उन निरंतर प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह का हृदय से आभार व्यक्त किया। सांसद चंदन ने कहा कि यह सौगात न केवल हस्तिनापुर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगी, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी। वहीं दूसरी ओर मोरना की दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल के क्षमता विस्तार से किसानों में भी उत्साह का माहौल है। लंबे समय से चल रहे आंदोलनों और मांगों के बाद यह निर्णय गन्ना किसानों के हित में एक बड़ी राहत माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि ये दोनों निर्णय आने वाले वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा और दशा बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।






