पुलिस को चकमा देकर भागते समय मुठभेड़ में शातिर गौकश गिरफ्तार, पुलिस की गोली लगने से हुआ घायल
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में गोकशी की घटना के बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पावटी गांव के जंगल में घायल बछड़े की मौत के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को घेर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
थाना चरथावल क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर गौकश को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, 22-23 अप्रैल 2026 की रात पीआरवी को सूचना मिली कि ग्राम पावटी के जंगल में एक व्यक्ति गोकशी की नीयत से बछड़े पर हमला कर रहा है। वार के बाद घायल बछड़ा जंगल की ओर भाग निकला, जिसका आरोपी पीछा कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया, हालांकि घायल बछड़े की मौत हो गई।
घटना के अगले दिन पुलिस टीम आरोपी को घटनास्थल का निरीक्षण कराने के लिए पावटी के जंगल में लेकर गई। इसी दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों से छूटकर पास के ईख के खेत में छिपाए गए तमंचे को निकाल लाया और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान इरशाद पुत्र नफीस, निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। उसके पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पहले भी पशु क्रूरता अधिनियम और गौवध अधिनियम से जुड़े मामलों में शामिल रहा है। वर्तमान मामले में पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना चरथावल पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में उपनिरीक्षकों और अन्य पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया।






