राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित होटल में 15-20 युवकों ने किया था हंगामा, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक होटल में तोड़फोड़ और हंगामा करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
घटना कुछ दिन पूर्व छपार क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक होटल में हुई थी, जहां 15 से 20 युवकों ने पहुंचकर गाली-गलौज करते हुए तोड़फोड़ की थी। होटल में हुए उपद्रव से अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। मामले की सूचना मिलते ही थाना छपार पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आशीष शर्मा पुत्र अशोक कुमार शर्मा निवासी काशीराम कालोनी बुढाना मोड थाना कोतवाली नगर, हेमन्त शर्मा पुत्र प्रमोद शर्मा निवासी मेदपुर थाना छपार और अभिषेक शर्मा पुत्र सन्दीप शर्मा निवासी आनंद पुरी थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर शामिल हैं। ये लोग एक हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता बताये गये हैं।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों से पूछताछ की गई तथा घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान का कार्य भी जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, उपद्रव फैलाने और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी संजय वर्मा ने भी इस मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी मीडिया को देते हुए जनपदवासियों से अपील की है कि किसी भी विवादित, भ्रामक अथवा कानून-व्यवस्था से संबंधित सूचना मिलने पर स्वयं कानून हाथ में न लें। ऐसी किसी भी स्थिति में तत्काल स्थानीय पुलिस या आपातकालीन सेवा 112 को सूचना दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि तोड़फोड़, उपद्रव अथवा अराजकता फैलाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






