17 गांवों में 13 घंटे तक बिजली आपूर्ति रही ठप, शहर और देहात में जलभराव, गुरूवार रात हुई मूूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, गर्मी से भी मिली राहत
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में बुधवार की सुबह के बाद गुरुवार रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। एक ओर तापमान में भारी गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति बाधित होने और जलभराव की समस्या ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं। नंगला-सिखेड़ा बिजलीघर से जुड़े 17 गांवों में 13 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही, जबकि शहर के कई हिस्सों में सड़कों और गलियों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित रहा।
गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं का दौर पूरी रात जारी रहा। मौसम के इस बदलाव ने जिलेभर में गर्मी का असर कम कर दिया, लेकिन तेज हवाओं के कारण शहर से लेकर गांव-देहात तक बिजली व्यवस्था चरमरा गई। शहर के अधिकांश इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह तक भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।

नंगला-सिखेड़ा बिजलीघर से सिखेड़ा, नंगला, मंदौड़, दाहखेड़ी, बेहड़ा अस्सा, भंडूर और भिक्की समेत करीब 17 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। बिजली गुल होने से हजारों ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे और उमस में गुजारनी पड़ी। रातभर में अधिकांश घरों के इनवर्टर और बैटरियां जवाब दे गईं, जबकि मोबाइल फोन भी बंद हो जाने से लोगों को संचार संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह तक बिजली न आने से पेयजल आपूर्ति और दैनिक कार्य भी प्रभावित रहे। बिजली विभाग के अनुसार जानसठ की ओर से आने वाली 33 केवी लाइन पर कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं गिरने से फॉल्ट आ गया था। विभागीय टीमों ने रातभर पेट्रोलिंग कर क्षतिग्रस्त स्थानों का पता लगाया और मरम्मत कार्य किया। अवर अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि अधिकांश फॉल्ट ठीक कर दिए गए हैं तथा फीडरों की जांच के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई थी।

उधर, लगातार हुई बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों, कॉलोनियों और गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ी। जलभराव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर साफ दिखाई दिया। खेतों में पानी भर गया और कई संपर्क मार्गों पर कीचड़ फैल गया। शुक्रवार सुबह नौकरी, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को जलभराव और खराब रास्तों के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश के दौरान शहर में अलग-अलग दृश्य देखने को मिले। कई लोग छाते लेकर सड़कों पर निकले, जबकि कुछ लोग दुकानों और शेडों के नीचे बारिश रुकने का इंतजार करते दिखाई दिए। वहीं बच्चों और युवाओं का एक वर्ग बारिश का आनंद लेते हुए भी नजर आया। मौसम में आए बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन जलभराव और बिजली व्यवस्था की खामियों ने नगर निकाय और संबंधित विभागों की तैयारियों पर सवाल भी खड़े कर दिए।
बारिश ने बदला मौसम का मिजाज, दो दिन में 17 डिग्री लुढ़का पारा
मुजफ्फरनगर में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को हुई बारिश के बाद तापमान करीब सात डिग्री सेल्सियस नीचे आया था, जबकि गुरुवार रात की मूसलाधार बारिश के बाद इसमें लगभग दस डिग्री की और कमी दर्ज की गई। इस तरह दो दिनों में तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हाल के दिनों में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक महसूस की जा रही भीषण गर्मी के मुकाबले शुक्रवार को तापमान गिरकर करीब 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को लंबे समय बाद गर्मी और उमस से राहत मिली। सबसे बड़ा सुधार वायु गुणवत्ता में देखने को मिला। गुरुवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (।फप्) 242 दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार सुबह घटकर मात्र 55 रह गया। एक ही दिन में लगभग 187 अंकों की गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी से निकलकर संतोषजनक स्तर पर पहुंच गई। करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने मौसम को और अधिक सुहावना बना दिया।






