शेखपुरा में सरकारी पानी की टंकी के दुरुपयोग से ग्रामीणों में भारी रोष

मुजफ्फरनगर। शेखपुरा गांव में स्थित सरकारी पानी की टंकी के कथित दुरुपयोग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी परिसर का इस्तेमाल पूरी तरह से निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी की टंकी की देखरेख के लिए नियुक्त एक युवक और उसका परिवार लंबे समय से टंकी परिसर में ही रह रहा है।

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आरोप है कि परिसर में सरकारी बिजली, पानी और जमीन का जमकर निजी उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सरकारी परिसर को वाहन खड़े करने के स्थान, कपड़े धोने की जगह और घरेलू उपयोग के केंद्र के रूप में बदल दिया गया है। शिकायतकर्ताओं का खुला आरोप है कि टंकी के पानी से घंटों तक कपड़े धोए जाते हैं तथा सरकारी बिजली से कपड़े धोने की मशीनें चलाई जाती हैं। इसके अलावा परिसर में वाहन खड़े किए जाते हैं और परिवार वहीं निवास करता है। ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि परिसर के भीतर मांसाहार बनाया और खाया जाता है, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि इस पानी की टंकी से गांव के हजारों परिवारों को पेयजल आपूर्ति होती है, इसलिए सरकारी संपत्ति का इस प्रकार से उपयोग बेहद चिंताजनक है। उनका आरोप है कि पूर्व में शिकायत करने के बाद कुछ समय के लिए दिखावटी कार्रवाई हुई थी, लेकिन अब फिर से वही स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना प्रदर्शन करने और उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

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