स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई शुक्रवार 27 फरवरी को निर्धारित की गई है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी की अग्रिम जमानत याचिका पर यह सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी। मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में होगी। अदालत ने पूर्व में 27 फरवरी की तिथि तय की थी।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
एक तथाकथित धर्मगुरु की ओर से नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा विशेष न्यायालय के आदेश पर पॉक्सो एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया। आरोप है कि नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुईं। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दावा किया जा रहा है कि जांच में उत्पीड़न की पुष्टि हुई है।
मेडिकल परीक्षण को लेकर अलग-अलग दावे
तेज प्रताप सप्रू अस्पताल बेली में दोनों का मेडिकल परीक्षण कराए जाने की बात कही गई है। दावा किया गया है कि दो डॉक्टरों के पैनल ने जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि की है और जांच अधिकारी को रिपोर्ट शुक्रवार को सौंपी जाएगी। हालांकि अस्पताल सूत्रों का कहना है कि यहां यौन उत्पीड़न से संबंधित परीक्षण नहीं किया गया। अस्पताल में बच्चों का एक्सरे और दांतों की जांच कर उनकी सही उम्र का निर्धारण किया गया है।
अन्य लोगों पर भी आरोप, वीडियो-फोटो होने का दावा
एफआईआर दर्ज कराने वाले एक जाने-माने धर्मगुरु के शिष्य ने कई अन्य सफेदपोश लोगों पर भी इस अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि करीब 20 बच्चों का यौन शोषण किया गया। उन्होंने लैपटॉप में नाबालिगों से जुड़े वीडियो और फोटो होने का दावा भी किया। आरोप यह भी लगाया गया कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में विद्यामठ सहित अन्य स्थानों पर भी घटनाएं हुईं। प्रतापगढ़ में पढ़ाई के दौरान भी बच्चों के शोषण का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि किसी भी आश्रम में जाने से पहले साजिश के तहत बच्चों को वीआईपी के सामने पेश किया जाता था। पीड़ितों में करीब 20 युवक-युवतियां शामिल बताए गए हैं। साथ ही आलीशान भवन और स्विमिंग पूल के सबूत मिटाने का भी आरोप लगाया गया है। एक बड़े नेता पर माघ मेला में अविमुक्तेश्वरानंद को धरने के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए कॉल डिटेल होने का दावा किया गया है। एफआईआर में नामजद लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है।
दोनों नाबालिगों के बयान दर्ज
दूसरी ओर पुलिस ने दूसरे नाबालिग बालक का मेडिकल परीक्षण भी करा लिया है। एसीपी झूंसी विमल कुमार मिश्र टीम के साथ गंगापार स्थित एक अस्पताल में पहुंचे, जहां डॉक्टरों की पैनल टीम ने प्रक्रिया पूरी की। पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है। दोनों नाबालिगों को न्यायालय में पेश कर उनके बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक टीम जल्द स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मठ में जाकर पूछताछ करेगी।अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां अदालत में मेडिकल रिपोर्ट, दर्ज बयानों और एफआईआर से जुड़े तथ्यों पर बहस होने की संभावना है।






