बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोध करने पर ग्राम प्रधान को तालीबानी धमकी

फोन पर गांव से निकालने, सोशल मीडिया पर हत्या करने की चेतावनी, गाली गलौच के आरोप में चार आरोपी नामजद

मुजफ्फरनगर। एक मुस्लिम ग्राम प्रधान द्वारा बांग्लादेश से घुसपैठ के सहारे भारत में रहने वाले बांग्लादेशी मुस्लिमों को यहां से निकालने के भारत सरकार के अभियान का समर्थन और बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ के खिलाफ सार्वजनिक मंच पर बयान देने की रंजिश में गांव के लोगों ने हत्या करने की धमकी दी, गाली गलौच की और मस्जिद में ऐलान कराने की बात कहकर लोगों को भड़काने का प्रयास किया। इससे भयभीत प्रधान ने पुलिस से शिकायत कर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव कसेरवा के प्रधान चौधरी परवेज आलम पुत्र गय्यूर ने थाने में तहरीर देकर पुलिस को शिकायत की है कि कुछ लोगों से उसकी जान को खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान परवेज ने पुलिस को बताया कि वो कसेरवा का मौजूदा प्रधान है और जनप्रतिनिधि होने के नाते वो बिना भेदभाव के गांव, समाज और लोगों के हितों को लेकर कार्य करता है। सामाजिक कार्य भी वो व्यस्त रहता है। गरीबों की बेटियों को शादी अनुदान दिलाने, बीमारों का यहां से लेकर दिल्ली तक के अस्पतालों में उपचार कराने में मदद के साथ ही साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए कार्य करता है। परवेज ने बताया कि वो एक राष्ट्रवादी मुसलमान होने के कारण धार्मिक आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करता और न ही हिंदू मुस्लिम की राजनीति करता है। वो अपने राष्ट्र से प्रेम करता है।
परवेज ने पुलिस से की शिकायत में कहा कि कांग्रेस नेता और पूर्व योजना आयोग की सदस्य सईदा हमीद तथा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठ करने वाले मुस्लिमों को लेकर दिये गये बयान से वो आहत हुआ। इन दोनों ने कहा था कि बांग्लादेशी घुसपैठिये मुस्लिम भारत में ही रहेंगे। परवेज ने बताया कि 26 अगस्त को दिल्ली के कान्स्टीट्यूट क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सईदा हमीद और प्रशान्त भूषण के इस बयान का खुले तौर पर विरोध किया था। इस कार्यक्रम की न्यूज चैन्ल पर प्रसारित वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हुई।
परवेज का आरोप है कि इसी वीडियो के कारण गांव में कुछ लोग उससे रंजिश रखने लगे। इसमें इन लोगों ने गांव से बाहर के कुछ असामाजिक तत्वों और कट्टरपंथी सोच वाले लोगों को भी अपने साथ शामिल किया और इनमें शामिल शरीफ पुत्र रकमुदीन निवासी कसेरवा ने फोन कर उनको तालिबानी धमकी दी। आरोप है कि अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गांव से बाहर निकलवाने के लिए ग्रामीणों को भड़काने का काम करते हुए हत्या की धमकी भी दी गई। परवेज ने पुलिस को बताया कि शरीफ के साथ ही गांव के ही निवासी शहजाद पुत्र नवाब उर्फ चीनी तथा हारून पुत्र तराबु तथा गांव पुरबालियान निवासी इसरार पुत्र बोका पुत्र असलम ने सोशल मीडिया और व्हाटसएप गु्रप पर परवेज के नाम पर गाली गलौच करते हुए मिलते ही जान से मारने की धमकी दी है। परवेज का कहना है कि इन धमकियों से वो भयभीत है और परिवार की जान को भी खतरा बताया। ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

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