दक्षिणी कृष्णापुरी में टावर विवाद ने पकड़ा तूल, भाजपा के बहिष्कार का ऐलान

चार-पांच माह से टावर हटाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं मोहल्लेवासी, कार्रवाई नहीं होने पर लगाए ‘पलायन के पोस्टर, जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप

मुजफ्फरनगर। दक्षिणी कृष्णापुरी में भवन की छत पर लगाए गए मोबाइल टावर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पिछले चार-पांच माह से टावर हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मोहल्लेवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। कार्रवाई नहीं होने से नाराज लोगों ने मोहल्ले में फ्लेक्स और पोस्टर लगाकर विरोध दर्ज कराया है। इनमें टावर के विरोध के साथ-साथ ‘पलायन जैसे पोस्टर भी लगाए गए हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनाव में भाजपा का बहिष्कार किया जाएगा।

मोहल्लेवासियों के अनुसार दक्षिणी कृष्णापुरी में शिव कुमार त्यागी के भवन की छत पर मोबाइल टावर लगाया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस भवन पर टावर लगाया गया है, उसकी स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। नगरपालिका परिषद की जांच में भवन को जर्जर बताया गया था। लोगों का दावा है कि टावर लगाने के लिए आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई। वहीं, भवन स्वामी की ओर से टावर लगाने के लिए ऑनलाइन अनुमति होने का दावा किया गया था। इसी अनुमति को लेकर भी मोहल्लेवासी जांच की मांग कर रहे हैं।

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टावर हटाने की मांग को लेकर विगत दिवस भाजपा सभासद राजीव शर्मा के नेतृत्व में मोहल्लेवासियों ने धरना दिया था। धरने के दौरान लोगों ने टावर हटाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई थी। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई। अब मोहल्लेवासियों ने अपने विरोध को पोस्टरों के माध्यम से जाहिर करना शुरू कर दिया है।

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मोहल्लेवासियों ने मामले में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) से तत्काल जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि टावर लगाने से पहले भवन की स्थिति, निर्माण संबंधी अनुमति और टावर के लिए स्वीकृतियों की जांच की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि लंबे समय से शिकायत और विरोध के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे गली के बीच मोबाइल टावर लगाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि टावर को लेकर मोहल्ले में लगातार चिंता और असंतोष का माहौल बना हुआ है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब मामला कई माह से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में है तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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मोहल्ले में लगाए गए पोस्टरों में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने ‘शासन-प्रशासन कब जागेगा? जैसे सवालों के साथ टावर हटाने की मांग उठाई है। कुछ पोस्टरों में टावर विवाद का समाधान नहीं होने पर पलायन की बात भी लिखी गई है। इससे विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। दक्षिणी कृष्णापुरी को लंबे समय से भाजपा का मजबूत और परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में मोहल्लेवासियों द्वारा भाजपा के बहिष्कार का ऐलान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि टावर के मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने का निर्णय ले सकते हैं।

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