18 दिन चली अग्निवीर भर्ती का समापन, सोमवार को सैन्य दल की विदाई

अधिकारियों ने की युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना, इसे अग्निपथ योजना के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया

मुजफ्फरनगर। राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और सेना में शामिल होने का जुनून, इन सभी का जीवंत उदाहरण बनी मुजफ्फरनगर की अग्निवीर भर्ती रैली अब सिमट गई है। रविवार को मेडिकल की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 18 दिनों तक चौधरी चरण सिंह स्टेडियम में चले इस सैन्य भर्ती आयोजन ने न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को अवसर दिया, बल्कि भारतीय सेना की पारदर्शिता, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव का भी परिचय कराया। यहां इन दिनों में कई के सपनों को पंख लगे और काफी युवाओं के सपनों को परवाज नहीं मिल पाया। इसके साथ ही सैन्य अधिकारियों ने टीम के साथ जिले से विदाई की तैयारी कर ली है।

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भारतीय सेना के अग्निवीर भर्ती अभियान के अंतर्गत सेना भर्ती कार्यालय मेरठ द्वारा आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली का सफल समापन हो गया। यह रैली 22 अगस्त से प्रारम्भ हुई ािी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 13 जिलों सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, बागपत, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ के युवाओं ने भाग लिया और अपने सपनों की वर्दी तक पहुंचने में काफी अभ्यर्थियों ने सफलता अर्जित की। मुजफ्फरनगर में भारतीय थल सेना की अग्निपथ योजना के अन्तर्गत यह दूसरी अग्निवीर भर्ती थी।

सेना भर्ती कार्यालय मेरठ के भर्ती निदेशक कर्नल सत्यजीत बेबले ने बताया कि भारतीय सेना राष्ट्र का गौरव है और इस रैली ने देश की युवाशक्ति की क्षमता और प्रतिबद्धता को उजागर किया। अग्निवीर सैनिक की श्रेणियों जनरल ड्यूटी, क्लर्क/एसकेटी, तकनीकी तथा ट्रेड्समैन (8वीं और 10वीं) कृ के लिए आयोजित इस रैली में करीब 17,500 अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता साबित करने के लिए किया गया था। इनमें से मुजफ्फरनगर में भर्ती के दौरान 13 जनपदों के 15,369 उम्मीदवारों ने अपना कौशल और अनुशासन दिखाया।

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उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ सेना अधिकारी, मेजर जनरल मनोज तिवारी (क्षेत्रीय भर्ती अधिकारी), ब्रिगेडियर एस. के. मंडल (उप महानिदेशक) सहित कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने स्टेडियम का दौरा कर भर्ती कार्य की समीक्षा की और उम्मीदवारों का उत्साहवर्धन किया।

अधिकारियों ने युवाओं में अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए इसे अग्निपथ योजना के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया। बताया कि मुख्यालय 9 आर्टिलरी ब्रिगेड और 92 मध्यम तोपखाना के सहयोग से पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। वहीं, मुजफ्फरनगर के जिला मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा (आईएएस) के कुशल नेतृत्व में नागरिक प्रशासन ने सेना को आवश्यक सहयोग, जनशक्ति और सभी प्रकार की सहायता प्रदान कर पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित की। कर्नल बेबले ने अंत में कहा कि युवाओं के अनुशासन और लगन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय सेना में शामिल होना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक गौरवपूर्ण संकल्प है। उन्होंने बताया कि रविवार को मेडिकल की प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है। सोमवार को शाम स्टेडियम से सैन्य दल रवाना हो जायेगा। इसके बाद इस भर्ती के दौरान विभिन्न श्रेणियों में चयनित अग्निवीर सैनिकों के नाम की सूची जारी कर दी जायेगी।

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