MUZAFFARNAGAR-छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, स्कूल पर परिजनों का धरना

मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना क्षेत्र के दुर्गनपुर खेड़ा गांव में सोमवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश में डुबो दिया। गांव हरियाखेड़ा निवासी 17 वर्षीय भीम, जो जेके एकेडमी में कक्षा 12 का छात्र था, ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सोमवार की सुबह परिजनों ने सैंकड़ों ग्रामीणों के साथ विद्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने लगातार दो दिनों तक भीम को बेवजह डांटा-फटकारा और अपमानित किया। उनका कहना है कि इस मानसिक दबाव और प्रताड़ना के चलते ही भीम ने यह कदम उठाया।

सोमवार सुबह सैकड़ों ग्रामीण और परिजन जेके एकेडमी के मुख्य गेट पर जुट गए। सभी ने धरना शुरू कर दिया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है, इसलिए वे सीसीटीवी फुटेज की जांच, दोषी शिक्षकों के निलंबन और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते रहे। धरना जारी रहने के दौरान ग्रामीणों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई जब स्कूल प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने इसे प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता बताया। दबाव और विवाद को देखते हुए स्कूल ने अनिश्चितकालीन छुट्टी की घोषणा कर दी, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भी दहशत का माहौल है।

धरने की सूचना मिलते ही एबीएसए किरण यादव और तहसीलदार महेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जांच शुरू कर दी है। धरना स्थल पर जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ठाकुर रामनाथ सिंह, नरेंद्र सिंह, घासीराम, पप्पन राठी, अजय प्रधान सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। भीम की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि पढ़ाई का दबाव अलग होता है, लेकिन यदि शिक्षक छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार करें तो उनका भविष्य और जीवन दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। बुढ़ाना पुलिस ने बताया कि गांव दुर्गनपुर स्थित जेके एकेडमी के गेट पर सैकड़ों ग्रामीणों ने परिजनों के साथ धरना शुरू कर दिया है। गांव हरियाखेड़ा निवासी 17 वर्षीय भीम स्कूल में इंटर का छात्र था। भीम द्वारा गत 7 अगस्त की रात्रि में आत्महत्या कर ली थी। परिजनों व ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल स्टाफ द्वारा छात्र को दो दिनों तक प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते छात्र ने आत्महत्या कर ली। ग्रामीण स्कूल के कैमरों की सीसीटीवी फुटेज जांच व इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

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फीस ना भरने पर पीटा, चोटी काटी और तिलक मिटाया

मुजफ्फरनगर। छात्र भीम की सुसाइड को लेकर परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र के पिता देवपाल ने बताया कि हमें भीम की बकाया फीस जमा करनी थी, पर रुपए का इंतजाम न हो पाने से कुछ दिन रुकने के लिए कहा था। हमें नहीं पता था कि बेटे को स्कूल में इस तरह से परेशान किया जा रहा है। बाद में दूसरे छात्रों से पता चला कि उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया है तो आज हम लोग यहां पर न्याय की मांग करने आए हैं।पिता ने बताया कि 7 अगस्त को भीम स्कूल से आया और किसी से कोई बात नहीं की।

रात में खाना भी नहीं खाया और सोने चला गया। हम लोगों को लगा किसी बात से परेशान होगा। रात में करीब 1.30 बजे उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। पिता ने सबसे पहले शव देखा इसके बाद घर के सभी लोगों को जगाया। सुबह दादा दशरथ सिंह ने स्कूल प्रबंधन को कॉल किया और कारण पूछा। स्कूल वालों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इसके बाद घर वालों ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। छात्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रिंसिपल राहुल पवार और वाइस प्रिंसिपल दिलशाद ने इस तरह का व्यवहार किया हो। इससे पहले भी छात्रों को परेशान किया जाता है। दोनों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। 

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