जीएसटी अनियमितता के मामले में उद्योगपति पर कार्यवाही

मुजफ्फरनगर। जीएसटी विभाग की मेरठ यूनिट ने जनपद के एक उद्योगपति को जीएसटी भुगतान से जुड़े लेनदेन में गड़बड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जीएसटी में अनियमिता पाई गई थी। अधिकारियों ने बताया कि उद्योगपति ने विभिन्न फर्मों के नाम पर फर्जी लेनदेन दिखाकर जीएसटी की बड़ी राशि का भुगतान करने से बचने की कोशिश की। विभाग ने मामले में आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और आगे की जांच जारी है।

इसे भी पढ़ें:  जीएसटी का बड़ा छापा, श्रीराम पोटाश फैक्ट्री पर पकड़ी गई बड़ी टैक्स चोरी

जनपद मुजफ्फरनगर में उद्योग जगत को झकझोर देने वाली बड़ी कार्रवाई से हड़कम्प मचा हुआ है। जीएसटी विभाग ने टैक्स मामले में अनियमितता करने आरोप में प्रतिष्ठित उद्योगपति को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ये उद्योगपति लंबे समय से विभाग की जांच के दायरे तथा निगरानी में थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उद्योगपति पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट ;आईटीसीद्ध का अनुचित लाभ उठाया, फर्जी फर्मों से भुगतान के लेन-देन विसंगति की।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-भगवान परशुराम जयंती पर भव्य हवन-पूजन व विशाल भंडारा

जीएसटी विभाग ने पूछताछ के लिए कई बार समन जारी किया। डिप्टी कमिश्नर श्रेया गुप्ता के निर्देशन में जीएसटी अधिकारी संजय राणा ने उन्हें मेरठ और देहरादून कार्यालय में बुलाया था और शुक्रवार को जीएसटी अनियमितता में उन्हें देहरादून से गिरफ्तार कर मेरठ लाया गया। गिरफ्तारी के बाद उनको मेरठ के सीजेएम की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब सोमवार को उन्हें जिला जज की अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। जीएसटी विभाग ने उनके कार्यालय, गोदाम और आवासीय परिसर पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान विभाग को कई अहम दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा मिला, जिससे जीएसटी में अनियमिता मिली और यह कार्यवाही की गई है। 

इसे भी पढ़ें:  नाज मंडी के नगर कार्यालय में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *