मैं दिव्या काकरान, अपने पति से तलाक ले रही हूं….

मुजफ्फरनगर। पुरबालियान गांव की बेटी और नोएडा अथॉरिटी की नायब तहसीलदार पहलवान दिव्या काकरान रिश्तों की बिसात पर टूट गई हैं। शादी के बाद पति के साथ पटरी जमाने की कोशिश करते हुए कई मानसिक चुनौतियों से गुजर रही दिव्या ने अब अपनी शादी के बंधन को विराम देने का निर्णय लिया और पति से तलाक लने का मन बना लिया है। इस कठिन निर्णय की जानकारी उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के साथ दी है। जो काफी भावपूर्ण है।

भारतीय खेल जगत में रिश्तों के टूटने की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। सायना नेहवाल और परुपल्ली कश्यप के बाद अब मशहूर महिला पहलवान दिव्या काकरान ने अपने तलाक की बात सार्वजनिक की हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश शेयर कर अपने मन की बात रखी। दिव्या काकरान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टा पर अंग्रेजी भाषा में एक भावुक संदेश शेयर किया है, इसमें उन्होंने लिखा-नमस्ते, जैसा कि आप जानते हैं, मैं दिव्या काकरान हूं। मैं आपसे कुछ निजी बातें साझा करना चाहती थी।

मैंने हाल ही में अपने पति सचिन प्रताप सिंह से तलाक लेने का फैसला किया है। यह मेरे जीवन के भावनात्मक रूप से सबसे कठिन अध्यायों में से एक रहा है। इसमें बहुत दर्द, आत्मचिंतन और खुद को छोड़ देने का अनुभव रहा है… लेकिन साथ ही स्पष्टता, विकास और शक्ति के ऐसे पल भी आए हैं जिनके बारे में मुझे पता भी नहीं था। यह ऐसी बात नहीं है जिसे मैं आसानी से साझा करूं, लेकिन मुझे लगा कि आपको यह बात बतानी चाहिए क्योंकि आपका समर्थन, दूर से ही सही, मेरे लिए बहुत मायने रखता है।

मैं धीरे-धीरे ठीक हो रही हूँ और इस नई शुरुआत को पूरे सम्मान और उम्मीद के साथ अपनाना सीख रही हूं। उन्होंने आगे लिखा कभी-कभी ज़िंदगी ऐसा मोड़ ले लेती है जिसकी हमने कभी उम्मीद नहीं की थी, और मैं इस बारे में सच बोलने में विश्वास रखती हूं। मैं अभी भी ठीक हो रही हूं, अभी भी अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन मैं उन तरीकों से भी आगे बढ़ रही हूं जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। मैं आपके समर्थन और खासकर अपने माता-पिता और परिवार की आभारी हूँ जो मेरे जीवन के हर फैसले में हमेशा मेरा साथ देते हैं।

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दिव्या के पिता ने दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने के लिए सचिन को चुना था दामाद

दिव्या काकरन का जन्म उत्तर प्रदेश में मुज़फ़्फ़रनगर जनपद के पुरबालियन गाँव में 8 अक्तूबर 1998 को पहलवान पिता सूरजवीर सैन और माँ संयोगिता सैन के घर हुआ था। दिव्या नोएडा कॉलेज ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन से फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स साइंस में स्नातक हैं। दिव्या की शादी परिवार की दोस्ती को सम्बंध में बदलने के लिए हुई।

दिव्या के पिता सूरज पहलवान व सचिन के दादा भोपाल सिंह आपस में दोस्त थे। जिसके चलते दोनों परिवार ने दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय पावरलिफ्टर सचिन प्रताप सिंह मूल रूप से शामली जिले के जाफरपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता भानू प्रताप सिंह मेरठ पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) में दरोगा हैं। सचिन का परिवार मेरठ पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में ही रहता है। 21 फरवरी 2023 को मेरठ में ही दिव्या और सचिन की भव्य समारोह के बीच शादी हुई, जिसमें देश की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत कर उन्हें सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया था।

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एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला पहलवान

दिव्या काकरान भारतीय फ्रीस्टाइल कुश्ती खिलाड़ी हैं। वो एशियन कुश्ती चैंपियनशिप 2020 के 68 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली देश की पहली महिला हैं। दिव्या ने चार सीनियर एशियाई चौंपियनशिप पदक जीते, जिसमें दो बैक-टू-बैक स्वर्ण पदक 2020 व 2021 और एक रजत 2017 और कांस्य 2019 शामिल हैं। उन्होंने 2017 राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता, 2018 में इस पहलवान ने एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक हासिल किया।

उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 2020 में देश के प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। दिव्या ने 2011 में हरियाणा में आयोजित स्कूल नेशनल गेम्स में पहली बार पदक हासिल किया था। तब उन्होंने कांस्य पदक जीता था। गुरु प्रेमनाथ अखाड़ा में दिव्या को कोच विक्रम कुमार ने कुश्ती सिखानी शुरू की थी।

मंगोलिया में 2013 में रजत जीतने के साथ ही दिव्या ने किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहली बार भारत के लिए पदक हासिल किया। काकरान ने 2017 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। दिव्या 2020 में ओलंपिक में क्वालीफाई नहीं कर पाई, लेकिन शादी के बाद दिव्या ने दावा किया था कि सचिन के साथ आने से वो 2024 के पेरिस ओलंपिक में जगह बनाकर देश को पदक दिलाऊंगी, लेकिन दिव्या डोप टेस्ट में फेल होने के कारण बाहर हो गई। 

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