MUZAFFARNAGAR-अब नालियों में नहीं बहेगा मंदिरों का गंगाजल

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप द्वारा आस्था के आदर के लिए एक विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अन्तर्गत अब मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए चढ़ाये जाने वाले गंगा जल के साथ ही पूजन सामग्री का अनादर नहीं होगा। शिव लिंग पर चढ़ाया गया गंगा जल अब नालियों में नहीं बहेगा। अपनी इसी विशेष कार्ययोजना को लेकर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और पूरा प्लान साझा किया। सीएम योगी ने उनके इस प्लान की सराहना की और विस्तृत कार्ययोजना देने के लिए भी कहा है। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप भी उनके साथ रहे।

नगरपालिका परिषद् की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप द्वारा सोमवार को लखनऊ में पांच कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शिष्टाचार भेंट की। मीनाक्षी स्वरूप भेंट के दौरान पालिका चेयरपर्सन के पद पर दो साल का कार्यकाल पूर्ण करने की जानकारी मुख्यमंत्री को देने के साथ ही इस अवधि में शहरी विकास के लिए किये गये महत्वपूर्ण कार्यों के साथ ही आगामी कुछ बड़ी विकास योजना और निर्माण कार्यों को साझा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने आस्था और धार्मिक भावनाओं को लेकर नगरपालिका की ओर से किये गये एक अभिनव प्रयोग के बारे में भी सीएम योगी को अवगत कराते हुए पूरी कार्ययोजना सामने रखी। इसमें पालिका द्वारा मंदिरों में पूजा अर्चना के दौरान भगवान शिव के अभिषेक के लिए अर्पित किये जाने वाले गंगाजल का अनादर रोकने के लिए किये गये कार्य शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें:  हापुड़ पहुंच मंत्री कपिल देव ने मंदिरों में की साफ सफाई


चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई इस विशेष भेंट के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि सीएम योगी उत्तर प्रदेश में सुशासन और विकास का पर्याय बन चुके हैं। शहरी विकास की कुछ महत्वपूर्ण कार्ययोजना को लेकर हमने उनसे सरकार आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इसमें सीएम योगी से विभिन्न समसामयिक विषयों पर सारगर्भित चर्चा करते हुए उनका विशेष मार्गदर्शन प्राप्त किया। चर्चा के दौरान हमने पालिका के स्तर से धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ उठाये गये कदम और विशेष कार्ययोजना को भी प्रस्तुत किया। इसमें शहरी क्षेत्र के मंदिरों में भगवान शिव के अभिषेक के दौरान पूजा अर्चना के लिए शिवलिंग पर अर्पित किये जाने वाले गंगाजल और इसके साथ अन्य पूजन सामग्री का प्रवाह नाली में जाने से रोकने का प्लान शामिल है।

इसे भी पढ़ें:  हर घर तिरंगा लेकर घर-घर जायेंगे कार्यकर्ताः सूर्य प्रकाश

सभासद मनोज वर्मा के प्रस्ताव पर शुरू हुआ अभिनव प्रयोग

उन्होंने बताया कि पूर्व में वार्ड 49 के भाजपा सभासद मनोज वर्मा ने यह प्रस्ताव उनके सम्मुख रखते हुए मंदिरों में अर्पित किये जाने वाले गंगाजल का भगवान शिव और शिवलिंग से सीधे नाली में होने वाले प्रवाह को रोककर आस्था का सम्मान करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया था। हमने निर्माण विभाग के साथ मिलकर इस पर काम किया और वार्ड 49 के शिव मंदिर, नामदेव मन्दिर, तुलसा देवी मंदिर पंचमुखी सहित करीब सात मंदिरों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू कराया गया।

इसमें मंदिर में एक गहरा बोरिंग करते हुए मंदिर की पीठ से उसको जोड़ा गया, जिससे शिव लिंग पर अर्पित गंगाजल अब नाली में न जाकर बोरिंग के सहारे सीधे धरती के भू गर्भ में समा रहा है। यह प्रयोग बेहद सफल रहा और धार्मिक भावनाओं का भी संरक्षण करने में सफल रहा है, अब इसको अन्य मंदिरों के साथ ही शिव चौक स्थित शिव मूर्ति पर भी लागू करने की तैयारी है। यहां पर प्रतिदिन अभिषेक होने के साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी भारी मात्रा में गंगाजल अर्पित किया जाता है, जो अभी तक मंदिर की पीठ से सीधे नाली में समाहित हो रहा है।

इसे भी पढ़ें:  वन स्टाप सेंटर की सुरक्षा में सेंध, दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड

मुख्यमंत्री ने की सराहना, चेयरपर्सन मीनाक्षी से मांगी विस्तृत कार्ययोजना

इसके साथ ही शहर में मल्टीपरपच बिल्डिंग, मल्टी लेबल पार्किग, शहर की चारों दिशाओं में भव्य प्रवेश द्वार, सफाई के लिए विशेष व्यवस्था सहित कुछ अन्य प्रमुख कार्यों के बारे में भी सीएम योगी को अवगत कराया। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगाजल कार्ययोजना की सराहना करते हुए विस्तृत प्लान विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि इसको पूरे प्रदेश के निकायों में लागू करने के लिए एक पहल की जा सके।


इसके साथ ही चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और गौरव स्वरूप ने अयोध्या धाम की भव्यता को प्रदर्शित करता श्री रामलला मंदिर का एक प्रतीक चिन्ह सीएम योगी को भेंट किया। साथ ही उन्होंने लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार से उनके सरकारी आवास पर जाकर शिष्टाचार भेंट की।

Also Read This

पूरी रात पीटा- फिर मार डाला, जला दी नाबालिग लड़की की लाश

  कासगंज- यूपी के कासगंज जिले में एक परिवार ने नाबालिग बेटी को पूरी रात पीटा। इसके बाद हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने नाबालिग की लाश को जला दिया। आरोपी घर पर ताला लगाकर भाग गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शान की खातिर परिजन ने किशोरी की हत्या कर शव को शनिवार रात श्मशान में जला दिया। किशोरी दो दिन पहले गांव निवासी प्रेमी के साथ घर से आगरा चली गई थी। मामला ढोलना थाना क्षेत्र के एक गांव का है। सूचना पर रविवार सुबह पुलिस गांव पहुंची और पानी डालकर चिता को बुझायाए फिर अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजन घर पर

Read More »

थाने में पत्नी की गोली मारकर हत्या

हरदोई। यूपी के हरदोई जिले में थाने के अंदर पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से सनसनी फैल गई। पाली थाने के अंदर पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। महिला थाने की मेस से खाना खाकर बाहर धूप में खड़ी थी, उसी समय पीछे से आए पति ने तमंचा से पीठ पर गोली मार दी। घटना से सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पाली थाना क्षेत्र के रमापुर अटरिया निवासी अनूप कुमार को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटनाक्रम में बताया गया कि अनूप की पत्नी सोनी सात

Read More »

Каким образом глубинные ощущения формируют выборы

Каким образом глубинные ощущения формируют выборы Каждый сутки мы принимаем сотни выборов, от отбора завтрака до значимых житейских поворотов. Протяженное срок считалось, что принятие выводов — это чрезвычайно рациональный ход, опирающийся на логическом изучении фактов. Но сегодняшняя нейронаука раскрывает изумительную правду: наши внутренние чувства выполняют ключевую задачу в создании подборов, регулярно устанавливая результат еще до того, как разум завершит логический рассмотрение. Сцепление между организмом и мозгом в принципе принятия выводов оказывается значительно более непростым и занимательным, чем предполагалось ранее. рокс казино структуры процессинга телесных знаков напрямую воздействуют на то, какие версии видятся нам притягательными или отталкивающими. Такой механизм происходит на бессознательном градации, образуя аффективный фон для последующих разумных раздумий. Концепция

Read More »