ओवैसी ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ सख्ती और सीज़फायर पर केंद्र सरकार से चार सवाल

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर पाकिस्तान के साथ सीज़फायर को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए हैं और आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ आतंकवाद के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल करता रहेगा, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है।

ओवैसी ने कहा, “#सीज़फायर हो या न हो, हमें #पहलगाम हमले के लिए ज़िम्मेदार आतंकवादियों का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए। जब-जब बाहरी आक्रमण हुआ है, मैं सरकार और सशस्त्र बलों के साथ खड़ा रहा हूँ और यह समर्थन हमेशा रहेगा।”

उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी और कुशलता की सराहना करते हुए कहा, “मैं हमारी सशस्त्र सेनाओं के जवानों को सलाम करता हूँ। मैं सेना के जवान एम. मुरली नायक, एडीडीसी राज कुमार थापा को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करता हूँ और संघर्ष में मारे गए या घायल हुए सभी लोगों के लिए दुआ करता हूँ।”

इसे भी पढ़ें:  Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: वोटर लिस्ट में नाम न होने का दावा कर फंसे तेजस्वी यादव, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

ओवैसी ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सीज़फायर से सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने यह संदेश भी दिया कि भारत तब मज़बूत होता है जब भारतीय एकजुट होते हैं और हमारे दुश्मन हमारी आपसी लड़ाइयों का फ़ायदा उठाते हैं।

ओवैसी के चार सवाल सरकार से:

  1. “काश हमारे प्रधानमंत्री  यह सीज़फायर की घोषणा करते, न कि किसी विदेशी राष्ट्रपति ने। भारत शिमला समझौते (1972) के बाद से किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का विरोध करता आया है। अब हमने इसे क्यों स्वीकार किया? क्या कश्मीर मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएगा?”
  2. “हम किसी तीसरे स्थान पर बातचीत करने को क्यों तैयार हुए? क्या बातचीत का कोई एजेंडा तय किया गया है? क्या अमेरिका गारंटी देता है कि पाकिस्तान अपनी ज़मीन को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा?”
  3. “क्या हमने पाकिस्तान को भविष्य में आतंकवादी हमलों से रोकने का उद्देश्य प्राप्त किया? क्या सीज़फायर का लक्ष्य ट्रंप द्वारा मध्यस्थता कराना था या पाकिस्तान को इस स्थिति में लाना कि वह दोबारा हमले की हिम्मत न करे?”
  4. “हमें पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाना चाहिए। क्या भारत यह कोशिश कर रहा है?”
इसे भी पढ़ें:  मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में आग का तांडव, 20 लोगों की हुई मौत, 38 घायल 

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *