शिक्षा के अधिकार से गरीब के बच्चे वंचितः जहीर फारूकी

मुजफ्फरनगर। प्राइवेट स्कूलों में महंगे कोर्स, फीस और ड्रेस के नाम पर हो रहे अभिभावकों के आर्थिक और मानसिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाते हुए गरीब परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कराने की मांग करते हुए पुरकाजी नगर पंचायत के चेयरमैन जहीर फारूकी ने मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को शिक्षा का अधिकार देने के लिए सरकार ने राइट टू एजूकेशन की व्यवस्था दी, लेकिन स्कूलों और अधिकारियों की मिलीभगत गरीबों के बच्चों से शिक्षा का यह अधिकार छीनकर उनको बेहतर भविष्य चुनने के संवैधानिक अधिकार से भी वंचित कर रही है।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता और पुरकाजी नगर पंचायत के चेयरमैन जहीर फारुकी एडवोकेट के नेतृत्व में मंगलवार को प्राइवेट स्कूलों के महंगे कोर्स, फीस और ड्रेस के स्तर पर हो रही लूट मचाई के खिलाफ सैकड़ों अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचकर आक्रोश व्यक्त किया और इस अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बीईओ को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हर साल हर कक्षा के लिए नया महंगा कोर्स लेने के साथ ही ड्रेस भी स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकान से ही लेने का दबाव बनाकर अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने राइट टू एजूकेशन अधिनियम बना दिया है तो गरीबों के बच्चों के फ्री एडमिशन क्यों नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए यदि प्रचार प्रसार की कमी है तो नगर पंचायत प्रचार करेगी ताकि गरीब के बच्चों का निःशुल्क प्रवेश स्कूलों में हो और उनको शिक्षा का अधिकार मिल पाये।

खण्ड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि वो महंगे कोर्स और फीस को लेकर स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही करेंगे। साथ ही लोग शिक्षा के लिए सरकार की योजनाओं और कार्यक्रम के साथ ही आरटीई अधिनियम की जानकारी भी रखें। चेयरमैन जहीर फारुकी ने कहा कि यदि अभिभावकों की इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वो क्षेत्र की जनता के साथ इस अवैध वसूली और लूट के खिलाफ बेमियादी आंदोलन करने सड़क पर उतर आयेंगे। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शाह आलम गौड, सुलेमान मेंबर, दीपू वर्मा, वंश अग्रवाल, फारूख, फैसल, अंकुर, डॉ. महावीर, नदीम सहित सैंकड़ों लोग शामिल रहे। 

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