श्रीराम स्वीट्स वालों का मकान बेचने पर पीएनबी अफसरों पर मुकदमा

मुजफ्फरनगर। लोन लेने के दौरान बंधक रखी गई अचल सम्पत्ति को नियमों के विपरीत आपसी सेटिंग करते हुए औने पौने दामों में नीलाम करा दिये जाने के मामले में मिली शिकायत पर जांच में आरोप सही पाये जाने के बाद आखिरकार पुलिस ने पंजाब नैशनल बैंक के अधिकारियों और सम्पत्ति खरीदने वाले व्यक्ति, फाइनेंस कंपनी तथा बैंक कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने के कारण पीएनबी के अफसरों में हड़कम्प मचा हुआ है। वो पुलिस कार्यवाही से बचने के लिए अपनी अपनी तैयारियों में जुट गये हैं।

बता दें कि भोपा रोड स्थित श्री राम स्वीट्स के प्रदीप मित्तल पुत्र रामरतन निवासी द्वारिकापुरी ने एसएसपी अभिषेक सिंह से मिलकर शिकायत की थी कि उनका द्वारिकापुरी की गली नम्बर 15 में स्थित एक मकान पीएनबी में बंधक था। इसमें उनके द्वारा बैंक से लोन लिया गया था, जो कारोबार में घाटा आ जाने के कारण पैदा हुई आर्थिक परेशानी के कारण वो चुका नहीं पा रहे थे। इसी का अनुचित ढंग से लाभ उठाते हुए पीएनबी के कर्मचारियों और अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत करते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से बिना सरफेसी कार्यवाही किये ही उनका बंधक मकान नीलाम करा दिया। इसके खिलाफ प्रदीप मित्तल ने डीआरटी कोर्ट देहरादून में वाद दायर कर दिया।

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इस वाद की सुनवाई के दौरान जब 12 सितम्बर 2024 को पीएनबी और अन्य विपक्षियों के द्वारा कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया तो ही उनको पता चला कि बैंक कर्मचारियों और नीरज कुमार गोयल ने उनके बंधक मकान को धोखाधड़ी करते हुए फर्जी कागजात तैयार कर अपने नाम करा लिया है। इसमें एक जालसाजी यह भी की गई कि मकान की नीलामी 12 अपै्रल 2022 को दिखाई गई, जबकि बंधक मकान पर नीरज गोयल ने पीएनबी के कर्मचारियों और साई वी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से मिलकर नीलामी से 20 दिन पूर्व 28 मार्च 2022 में ही लोन पास करा लिया, जो किसी भी रूप में संभव नहीं हो सकता। प्रदीप मित्तल का आरोप है कि इसी से स्पष्ट हो जाता है कि नीरज गोय व पीएनबी बैंक के कर्मचारी जसवेन्द्र सिंह, आशीष कुमार और अन्य बैंक कर्मचारी, साईवी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने बैंक से प्रदीप मित्तल के लोन से सम्बंधित बंधक सम्पत्ति के कागजात निकालकर फर्जी तरीके से लोन नीरज गोयल के नाम कराया और बैंक में बंधक सम्पत्ति की वास्तविक मूल्य से बहुत कम कीमत पर अनुचित लाभ के वशीभूत नीलामी करा दी गई।

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कोराबारी प्रदीप मित्तल की शिकायत पर एसएसपी अभिषेक सिंह ने गंभीरता दिखाते हुए नई मंडी सीओ रूपाली राय को पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए थे, जिसमें सीओ द्वारा जांच पूरी करने के बाद पाया गया कि बैंक के अफसरों द्वारा कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है और लोगों की करोड़ों की संपत्ति औने पौने दाम में बेचकर उनका उत्पीड़न किया गया है। श्री राम स्वीट्स के प्रदीप मित्तल की शिकायत पर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक जसविंदर सिंह, प्रबंधक आशीष कुमार समेत बंधक संपत्ति खरीदने वाले नीरज कुमार गोयल, उस संपत्ति पर नीलामी से पहले ही लोन करने वाली सेवी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी नयी दिल्ली को नामजद करते हुए कुछ अन्य बैंक कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 465, 468, 471, 409 और 120 बी में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है।

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एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि सीओ नई मंडी ने इस मामले की विस्तृत जांच की और पंजाब नेशनल बैंक व फाइनेंस कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य की भी पड़ताल की, उनके बयान भी लिए, जिसके बाद वे निष्कर्ष पर पहुंची है कि बैंक ने अपने उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में बैंक अफसरों ने फर्जी कागज भी लगाए हैं, जिसके चलते यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, साथ ही इसी तरह के जो अन्य मामले हैं, उनमें भी बहुत जल्द प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। नई मण्डी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश चन्द्र बघेल ने बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसकी विवेचना उप निरीक्षक अनिल कुमार तोमर को सौंपी गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए पुलिस टीम का भी गठन कर दिया गया है।

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