शामली में लखटकिया अरशद समेत चार बदमाश ढेर, इंस्पेक्टर घायल

शामली। 13 साल के बाद एक बार फिर से पुलिस की कग्गा गिरोह के बदमाशों के साथ सीधी मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में कार सवार चार बदमाश पुलिस की गोली लगने के कारण मौके पर ही ढेर हो गये। जबकि एक इंस्पेक्टर भी बदमाशों की फायरिंग रेंज में आ जाने के कारण गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल इंस्पेक्टर को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनको गंभीर अवस्था में रैफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर को गुरूग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 13 साल पहले गिरोह के सरगना कग्गा को भी ऐसी ही सीधी मुठभेड़ में पुलिस ने ढेर कर दिया था। इसके बाद यह गैंग बिखर गया था, लेकिन अब फिर से कग्गा के गिरोह के बदमाशों ने खुद को संगठित कर कई बड़ी वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। ऐसी ही वारदात को करने के लिए ये बदमाश शामली जनपद के झिंझाना पहुंचे थे कि मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोलियों से तीन बदमाश कार और एक बदमाश भागते हुए मारा गया है। पुलिस ने कार से उनके शवों के साथ ही अवैध असलाह और कारतूस बरामद किये हैं। मुठभेड़ की जानकारी मिलने पर डीआईजी भी मौके पर पहुंच गये थे।

जनपद शामली के झिंझाना में एसटीएफ और कार सवार बदमाश आमने सामने आ गये। इसके बाद दोनों ही ओर से दनादन गोलियां चली। इस मुठभेड़ को लेकर आज पूरे उत्तर प्रदेश में सनसनी फैली नजर आ रही है। मुठभेड़ में एसटीएफ ने चार कुख्यात बदमाशों को ढेर करने का काम किया है। इनमें एक लाख का इनामी बदमाश भी शामिल है। ये बदमाश कग्गा गिरोह के सदस्य बताये गये हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार देर रात झिंझाना के उदपुर गांव के जंगल में एसटीएफ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग का एक लाख का इनामी शातिर बदमाश अरशद और उसके तीन साथी गोली लगने से मौके पर ही ढेर हो गए। बदमाशों की गोली लगने से इंस्पेक्टर सुनील कुमार घायल हो गए, जिनकी हालत को गम्भीर देखते हुए गुरुग्राम के लिए रेफर कर दिया गया। बताया गया कि सोमवार देर रात एसटीएफ मेरठ को सूचना मिली थी कि शामली के झिंझाना क्षेत्र में कुछ कुख्यात बदमाश लूट की वारदात करने के इरादे से आ रहे हैं। सूचना पाते ही एसटीएफ मौके पर पहुंची और बदमाशों की घेराबंदी करने के लिए चैकिंग शुरू कर दी थी। एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि गांव उदपुर के ईंट भट्ठे के पास एक ब्रेजा कार आती नजर आई। चैकिंग के लिए कार सवारों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी बीच कार सवारों ने एसटीएफ टीम पर सीधी फायरिंग करनी शुरू कर दी। एसटीएफ टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने फायरिंग से बचते हुए बदमाशों को घेरने के लिए जवाबी फायरिंग की। मौके पर दोनों ओर से काफी देर तक फायरिंग होती रही। इस फायरिंग में सहारनपुर के गंगोह के एक लाख के इनामी मुकीम और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग का सदस्य अरशद गोली लगने से घायल हो गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा अरशद का साथी सोनीपत का मंजीत और हरियाणा के मधुबन का रहने वाला सतीश और एक अन्य को भी गोली लगी। इन तीनों की भी मौके पर मौत हो गई। सूचना पाते ही डीआईजी अजय साहनी, एसपी शामली रामसेवक गौतम मौके पर पहुंचे। बदमाशों के पास से पिस्टल, तमंचे भी बरामद किए गए हैं। वहीं बदमाशों की फायरिंग में इंस्पेक्टर सुनील कुमार को गोली लगी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्हें देर रात ही शामली से गुरूग्राम रैफर कर दिया गया था, जहां एक निजी अस्पताल में उनको भर्ती कराया गया है। एसटीएफ के अनुसार, सोनीपत के मंजीत को किसी मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई हुई है। वह पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था। बाहर आने के बाद मंजीत लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा था। इसी को लेकर मंजीत अपने साथी बदमाशों के साथ अब झिंझाना क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को करने की फिराक में आया था। यहां पर वो लूट की कोई बड़ी योजना बना रहे थे। एसटीएफ के अनुसार, एक लाख के इनामी अरशद पर शामली के अलावा सहारनपुर, हरियाणा के पानीपत में भी लूट, हत्या और अन्य मामले दर्ज हैं।

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लूट, डकैती और हत्या जैसा अपराध में शामिल रहे बदमाश, एक की शिनाख्त नहीं

शामली। यूपी के शामली में एसटीएफ के हाथों मारे गए चारों बदमाश हत्या, लूट और डकैती जैसे अपराधों के चलते कुख्यात थे। चारों वेस्ट यूपी के मुस्तफा कग्गा गैंग के सदस्य थे। इनमें एक लाख का इनामी बदमाश अरशद भी शामिल है। अरशद सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती जैसे एक दर्जन के केस दर्ज थे। एनकाउंटर में मारे गए मंजीत और सतीश भी खूंखार बदमाश थे। मंजीत और सतीश हरियाणा के रहने वाले थे। मंजीत, सोनीपत के थाना खरखोदा रोहट का रहने वाला था। जबकि सतीश करनाल के मधुबन थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उनके साथ मारे गए एक अन्य बदमाश की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। मारा गया कुख्यात बदमाश लूट के मामले में फरार चल रहा था। एनकाउंटर के बाद यूपी एसटीएफ ने बदमाशों के पास से इंपोर्टेड हथियार बरामद किए हैं। देसी कार्बाइन समेत काफी मात्रा में हथियार बरामद किये गए हैं। अब एसटीएफ और पुलिस चारों बदमाशों के बारे में और जानकारी जुटा रही है।

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40 मिनट में चली 30 गोलियां, ददुआ और ठोकिया एनकाउंटर में शामिल रहे इंस्पेक्टर सुनी

शामली। जनपद शामली में मेरठ एसटीएफ और बदमाशों के बीच करीब 40 मिनट तक एनकाउंटर चला। एसटीएफ एसपी बृजेश ने बताया कि दोनों ओर से 30 से अधिक राउंड फायरिंग की गई। पुलिस अफसरों का दावा है कि पिछले करीब 16 साल में पश्चिमी यूपी की यह सबसे बड़ी मुठभेड़ है। बदमाशों ने 12 पुलिसकर्मियों की टीमों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस चुनौती के बीच ही पुलिस कर्मियों ने जवाबी फायरिंग में तीन बदमाशों को कार में मार गिराया, जबकि एक बदमाश कुछ दूरी पर ढेर किया गया। इस दौरान पुलिस कर्मी लगातार बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कह रहे थे, लेकिन वो लगातार पुलिस पर फायरिंग करते रहे। बताया कि पश्चिमी यूपी में वर्ष 2010 के दौरान कग्गा गैंग की समाज में बड़ी दहशत थी। गैंग के सदस्य रंगदारी से लेकर अन्य बड़ी वारदातों को अंजाम देते थे। खास तौर से गैंग की व्यापारियों में दहशत थी। वर्ष 2011 में कग्गा को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। उस समय ही इंस्पेक्टर सुनील कुमार एसटीएफ में आए थे। वह ददुआ, ठोकिया समेत कई बड़े बदमाशों और डकैतों के एनकाउंटर में शामिल रहे हैं।

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एक लाख के इनामी बदमाश संजीव को मुठभेड़ में किया ढेर

अम्बेडकरनगर- STF ने एक लाख के इनामी बदमाश संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। इसने 15 साल पहले ताबड़तोड़ लूट व हत्याएं करके जरायम की दुनिया में कदम रखा था। अकबरपुर व महरुआ में दिलीप वर्मा गैंग के साथ मिलकर तीन वारदातों को अंजाम दिया था। हालांकि, पिता व भाई का कहना है कि इस बार संजीव को झूठा फंसाया गया। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। राजधानी लखनऊ में यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में अंबेडकरनगर निवासी बदमाश संजय उर्फ संजीव मारा गया। इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसने वर्ष 2011 में अयोध्या के दिलीप वर्मा के साथ मिलकर ताबड़तोड़ लूट व हत्याएं

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