MUZAFFARNAGAR-33 साल बाद लद्दावाला में जागृत हुआ शिव मंदिर

मुजफ्फरनगर। पूरी तरह से मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र लद्दावाला की मंदिर वाली गली में स्थित 54 साल पुराना मूर्ति विहीन शिव मंदिर आज फिर से सनातनियों के आगमन के कारण जय श्रीराम और हर हर महादेव के जयघोष के बीच जागृत हो गया। साल 1991 तक इस मंदिर में पूजा अर्चना का दौर कायम रहा, लेकिन हिन्दू परिवारो के यहां से चले जाने के बाद तब से यह मूर्ति विहीन मंदिर कई बार खबरों की सूर्खियां बना रहा। अब बघरा आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने इस मंदिर के जीर्णो(ार का बीड़ा उठाते हुए यहां हवन पूजन करने का ऐलान किया था, जिसको लेकर कई तरह से एक सामाजिक तनाव की आशंका बनी हुई थी। यही कारण रहा कि आज इस क्षेत्र को पूरी तरह से छावनी में तब्दील करते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था। यशवीर महाराज सैंकड़ों लोगों के साथ यहां पर पहुंचे तो मुस्लिमों ने अपने दिल और घर के दरवाजों को अपने इन हिन्दू भाईयों के लिए खोलकर भाईचारे की नई मिसाल पेश की। करीब दो घंटे यशवीर महाराज यहां पर रहे और निर्विघ्न हवन पूजन के उपरांत मुस्लिमों के स्वागत से अभिभूत होकर वापस लौट गये।

वर्ष 1970 के दशक के बीच शहर के बीच स्थित लद्दावाला एक हिन्दू बाहुल्य इलाके के रूप में पहचान रखता था। यहां पर बस्ती तो कम थी, लेकिन जो भी खेती की जमीन थी, उसके मालिक हिन्दू ही थे। समय बीतने पर यह इलाका मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हो गया। यहां पर हिन्दू बस्ती होने के साक्ष्य के रूप में मंदिर वाली गली और इसमें स्थित शिव मंदिर आज भी मौजूद है। इस मूर्ति विहीन मंदिर को हिन्दुओं के चले जाने के बाद मुस्लिम परिवारों ने ही संभाला और सुरक्षित रखने का काम किया। आज यहां के इस मंदिर की गंूज पूरे देश और विदेशेां तक हो रही है। 54 साल के बाद इस मंदिर को हिन्दुओं के द्वारा अपने संरक्षण में लेने का बीड़ा उठाया गया।

बघरा स्थित आश्रम के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज ने पिछले दिनों ऐलान किया था कि वो सनातन धर्म के लोगों को साथ लेकर मुस्लिम इलाके में स्थित इस मूर्ति विहीन मंदिर को जागृत करने और यहां पर नियमित पूजा पाठ की व्यवस्था बनाने के लिए जायेंगे। इससे टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया। कई दिनों से पुलिस और प्रशासन के लोग स्थिति की निगरानी कर रहे थे, खूफिया विभाग अलर्ट मोड पर था और लद्दावाला के मुख्य मार्ग की नाकाबंदी करते हुए पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया था। ऐसे में जब सोमवार को स्वामी यशवीर महाराज, साधू संतों और हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारियों तथा सैंकड़ों सनातनियों के साथ लद्दावाला पहुंचे तो सभी भौचक्क रह गये। उनके स्वागत में मुस्लिमों ने जहां घरों की छतों से फूलों की बारिश की, तो वहीं मंदिर वाली गली को दुल्हन की तरह सजाते हुए कारपेट बिछाये गये थे। भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच यशवीर महाराज और उनके साथ आये लोगों को शिव मंदिर तक पहुंचाया गया। यहां पहुंचने के दौरान मुस्लिमों द्वारा उन पर फूलों की बारिश की जाती रही। गली में रहने वाले मुस्लिम परिवारों के लोगों ने भी उनका दिल खोलकर स्वागत किया।

इसके बाद उन्होंने करीब 33 साल से मूर्ति विहीन इस मंदिर को जागृत करने के लिए हवन पूजन किया। यहां पर तीन-तीन लोगों को समय-समय पर यजमान बनाया गया ओर सभी ने श्रीराम, हर हर महादेव और भारत माता का जय घोष करते हुए घंटे घडियाल और शंख बजाये तो मुस्लिमों ने पूजा करते अपने इन हिन्दू भाइयों के ऊपर फूलों की बारिश को जारी रखा। करीब एक डेढ़ घंटे तक यहां पर हवन पूजन करने के बाद स्वामी यशवीर महाराज ने मंदिर और पूरी गली में मंत्रोच्चारण करते हुए गंगाजल का छिड़काव किया। इस दौरान मंदिर वाली गली के निवासी मुस्लिम परिवारों के लोगों मेहरबान, शकील अहमद, उस्मान, पप्पू आदि भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग में खड़े नजर आये। यहां के सभासद शौकत अंसारी, नदीम खान ने भी हिन्दू भाइयों का स्वागत करते हुए मंदिर के जागृत होने पर खुशी जताई और यशवीर महाराज का स्वागत करते हुए भाईचोरे की मिसाल साबित करते हुए इस बहाने मुजफ्फरनगर का सामाजिक सद्भाव बिगड़ने का सपना संजो रहे कुछ लोगों के मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर दिखाया। यहां मंदिर पर हुए हवन में स्वामी यशवीर महाराज के साथ मुख्य रूप से उनके आश्रम के आचार्य नागेन्द्र, आचार्य मृगेन्द्र शास्त्री, बिट्टू सिखेडा, नरेन्द्र पंवार उर्फ साधू, भाजपा नेता सुधीर खटीक, सुनील दर्शन, सभासद हनी पाल, मोनू बिल्टोरिया, भारत राजपूत, मिंकल कुमार, भरत खोखर सहित सैंकड़ों समर्थक मौजूद रहे। सुरक्षा के लिहाज से यहां पर सीओ सिटी व्योम बिन्दल, सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड, शहर कोतवाली अक्षय शर्मा, लेखपाल शहर संजीव शर्मा सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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तीन दिन बाद होगा प्राण प्रतिष्ठा पर निर्णय, मंदिर से अतिक्रमण हटवाया जायेः यशवीर महाराज

मुजफ्फरनगर। 54 साल पुराने मूर्ति विहीन शिव मंदिर में सोमवार को पूजा अर्चना करने के बाद स्वामी यशवीर महाराज ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि लद्दावाला से भी पूर्व में हिन्दू परिवार के लोग उसी कारण पलायन कर गये थे, जो कारण अक्सर हिन्दुओं के पलायन का रहा है, लेकिन यहां पर उनके द्वारा स्थापित शिव मंदिर आज भी स्थित है। इसमें करीब 35 साल से पूजा अर्चना नहीं हुई। अपने इस शिव मंदिर को हमने आज सनातन धर्म के लोगों के साथ मिलकर हवन करते हुए जागृत करने का काम किया है। इस मंदिर का जीर्णो(ार और यहां पर शिव परिवार के साथ ही अन्य देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा करते हुए मूर्ति स्थापना की जायेगी। प्राण प्रतिष्ठा के लिए तीन दिन बाद समाज की मीटिंग बुलाकर निर्णय ले लिया जायेगा। उस दिन यहां पर पूजन और भण्डारा भी किया जायेगा। इसमें हम सभी सनातनियों को यहां पर पूजन के लिए आमंत्रित करते हैं। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि हमने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की वास्तविक भूमि का पता लगाने के लिए दस्तावेजों की जांच की जाये। इसके साथ ही मुस्लिमों से अपील करते हैं कि वो मंदिर पर किये गये अतिक्रमण को स्वतः ही सहयोग करते हुए हटवा लें, अन्यथा इसके लिए भी हम समाज को साथ लेकर काम करेंगे और अतिक्रमण हटवाकर मंदिर को सुरक्षित किया जायेगा। कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही यहां पर नियमित पूजा पाठ के लिए भी समाज से निर्णय कर व्यवस्था की जायेगी ताकि यह मंदिर जागृत रहे। 

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लद्दावाला के मुस्लिमों को घर वापसी का निमंत्रत दे गये स्वामी यशवीर

मुजफ्फरनगर। बघरा आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज सोमवार को मुस्लिम बाहुल्य इलाके लद्दावाला में मूर्ति विहीन शिव मंदिर पर हवन करने के लिए पहुंचे तो यहां पर विरोध की सारी संभावनाओं को मुस्लिमों ने मुहब्बत का पैगाम देकर धराशायी कर दिया। जब मीडिया ने बार-बार उनसे मुस्लिमों के इस भाईचारे को लेकर सवाल किया तो वो एक बार तो इस स्वागत के लिए उनका आभार जताते नजर आये तो वहीं उन्होंने कई बार लद्दावाला के मुस्लिमों को इस्लाम को सऊदी का धर्म बताते हुए इसे छोड़कर भारतीय संस्कृति और सभ्यता वाले सनातन धर्म में वापसी करने का खुला निमंत्रण दिया। 54 साल पुराने शिव मंदिर को 33 साल के बाद सोई अवस्था से जागृत करने के लिए हवन करने के पश्चात मीडिया कर्मियों से बातचीत में जब उनसे यह सवाल किया गया कि यहां पहुंचने पर मुस्लिमों ने आपको और सभी हिंदुओं का फूलों की बारिश करते हुए मुहब्बत भरे अंदाज में स्वागत किया है तो उन्होंने इसके लिए आभार जताया और कहा कि मुस्लिमों के पूर्वज भी हिन्दू ही रहे हैं और इस बात को यह लोग भी स्वीकार करते हैं। इस नाते यहां के मुस्लिम भी हमारे भाई बहन हुए। ऐसे में इन लोगों के मन में भी यह भाईचारे की भावना आती रहती है और इस भावना के कारण इनके हाथों में फूल आ जाते हैं, लेकिन जब कोई जिहादी मानसिकता इनको बरगला लेती है तो इनके हाथों में हिंदुओं के खिलाफ बम, गोली और लाठी-डंडे आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों के पूर्वजों ने दबाव और लालच के वशीभूत होकर ही धर्म परिवर्तन किया है। स्वामी यशवीर ने कहा कि इस्लाम भारत का मजहब नहीं है, ये लोग सऊदी के इस धर्म को मानते हैं, जबकि हम इनको निमंत्रण देते हैं कि ये लोग अपने पूर्वजों के धर्म सनातन को अपनायें और घर वापसी करें। मैं पूरी गारंटी लेता हूं कि हिन्दू समाज में इनका पूरा सम्मान और स्वागत होगा। 

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