एम.जी. पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने किया इंडस्ट्रीयल एजुकेशन टूर

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल के इंजीनियरिंग ग्राफिक्स पाठ्यक्रम के कक्षा-12 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इंडस्ट्रीयल एजुकेशन टूर कराया गया। इसमें विद्यार्थियों ने अनुभव के आधार पर यांत्रिक प्रौद्योगिकी और स्क्रैप से इस्पात निर्माण के सम्बंध में व्यवहारिक और तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने विद्यालय प्रांगण से इंजीनियरिंग ग्राफिक्स के कक्षा-12 के विद्यार्थियों को इंडस्ट्रीयल एजुकेशन टूर के लिए शिक्षक डॉ. पी.सी. पटेल के नेतृत्व में रवाना किया। उन्होंने बताया कि आज विद्यार्थियों को फील्ड में तकनीकी ज्ञानार्जन के उद्देश्य से टिहरी आयरन एंड स्टील कास्टिंग लिमिटेड, मुजफ्फरनगर का दौरा कराया गया। यहां पर सर्वप्रथम विद्यार्थियों को यांत्रिक प्रौद्योगिकी की प्रगति, औद्योगिक क्षेत्र के विकास और सुरक्षात्मक उपायों, इस्पात निर्माण और इसके लिए कच्चे माल के रूप में स्क्रैप की उपलब्धता की जानकारी प्रदान की गई। इसके उपरांत विद्यार्थियों को इस्पात निर्माण की प्रक्रिाय को समझाने के लिए इंडस्ट्री के सभी सैक्शन का भ्रमण कराया गया।

इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्क्रैप को गलाने से लेकर लैब टेस्टिंग तक सभी प्रक्रियाओं को गहनता के साथ देखा, परखा और इसके सहारे ज्ञान अर्जित किया। बच्चों को दिखाया गया कि किस प्रकार स्क्रैप को गलाने के बाद कितने चरणों की प्रक्रिया से गुजरते हुए अंतिम उत्पाद तैयार किया जाता है। विद्यार्थियों ने कच्चे माल से अशु(ियों को दूर करने, उत्पाद बनाने के लिए पिंघले लोहे में आवश्यक तत्वों के मिश्रण और इसके बाद विभिन्न सांचों के आधार पर इसको अंतिम उत्पाद के रूप में सरिया, एंगल, आयरन टी और सी सैक्शन के आकार में ढालने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव किया। यहां पर विशाल इलेक्ट्रो मैगनेट का व्यवसायिक प्रयोग देखकर छात्र-छात्रा रोमांचित भी नजर आये। उनको इंडस्ट्री में लैब का भ्रमण कराते हुए धातु के सैक्शन की टैक्साइल स्ट्रेंथ और एलोगेशन आदि परखने की विधि को भी समझाया गया, साथ ही इंडस्ट्री की वर्कशॉप में लैंथ मशीन की उपयोगिता और कार्य भी समझते हुए विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान को और अधिक समृद्ध किया।

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प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि इस तरह के भ्रमण से बच्चों को जहां विषय आधारित व्यवहारिक और तकनीकी ज्ञान प्राप्त होता है, वहीं वो बाहरी क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन की प्रक्रिया, औद्योगिक तकनीक को आसानी से समझ पाते हैं। हमारा प्रयास यही था कि इस भ्रमण के माध्यम से बच्चे यांत्रिक प्रौद्योगिकी के सहारे उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया को समझकर व्यवहारिक ज्ञान अर्जित कर सकें। अंत में विद्यार्थियों को इंडस्ट्री परिसर में स्थित गौशाला का भ्रमण कराते हुए गौवंशों के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई और यहां बच्चों ने गौवंशों की सेवा भी की। 

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