राशन डीलर खा गया खाद्यान्न, लाइसेंस निलंबित, मुकदमा हुआ दर्ज

मुजफ्फरनगर। राशन की कालाबाजारी का मामला लगातार जारी है। कोटेदार बिना भय के गरीबों के हक के रूप में मिलने वाला खाद्यान्न डकाकर अवैध रूप से धन अर्जित करने का काम कर रहे हैं। ऐसे ही एक कोटेदार के खिलाफ मिली शिकायत की जांच में खाद्यान्न की कालाबाजारी कर मुनाफा कमाने की बात साबित हुई तो विभागीय स्तर पर आरोपी का लाइसेंस निलंबित करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस कोटेदार के पास उपलब्ध करीब 30 कुंतल खाद्यान्न में से जांच में मौके पर मात्र 25 किलोग्राम खाद्यान्न ही उपलब्ध पाया गया है। इसके साथ ही कोटेदार के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

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तहसील सदर के पूर्ति निरीक्षक नरेन्द्र प्रताप सिंह ने चरथावल थाने में दी गई तहरीर में बताया गया कि विभागीय स्तर पर थाना क्षेत्र के गांव लुहारी खुर्द में उचित दर विक्रेता के रूप में धर्मेन्द्र कुमार को खाद्यान्न वितरण के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया था। राशन डीलर के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उसके द्वारा माह नवम्बर 2024 में कार्ड धारकों के अंगूठे ई पॉश मशीन पर लेने के बावजूद भी उनको खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया। इस शिकायत के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर 27 नवम्बर को उनके द्वारा दोपहर के समय उचित दर विक्रेता धर्मेन्द्र कुमार को ग्राम लुहारी खुर्द में स्वीकृत चौहद्दी में रक्षित खाद्यान्न का भौतिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान धर्मेन्द्र कुमार भी अपनी दुकान में उपस्थित थे।

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पूर्ति निरीक्षक नरेनद्र प्रताप सिंह ने पुलिस को बताया कि निरीक्षक में माह अक्टूबर और नवम्बर का ई पॉश मशीन से राशन आहरण के उपरांत जो कोटा बचना चाहिए था, वो उपलब्ध नहीं पाया गया। बताया गया कि इनके पास कुल 29.700 कुन्तल खाद्यान्न शेष होना चाहिए था, जिसमें 13.24 कुन्तल गेहूं, 15.86 कुन्तल चावल और 06 किलोग्राम चीनी का कोटा शेष होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में मात्र 25 किलोग्राम गेहूं ही रक्षित पाया गया। दुकान में स्टॉक रक्षित नहीं होने के सवाल पर धर्मेन्द्र कुमार मौके पर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये। मौके पर भी ग्रामीणों और कार्ड धारकों ने उन पर नवम्बर माह में अंगूठा लगवाने के बावजूद खाद्यान्न वितरण नहीं करने के आरोप लगाये गये। मौके से बरामद 25 किलोग्राम गेहूं, ई पॉश मशीन और कांटा पास के ही कोटेदार रूपेश सैनी की सुपुर्दगी में दे दिया गया। जिलाधिकारी की अनुमति के उपरांत धर्मेन्द्र कुमार का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही पूर्ति निरीक्षक की तहरीर के आधार पर चरथावल पुलिस ने कोटेदार धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

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