अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई को चलेगा आबकारी विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान

उप आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों की बैठक में दिए कड़े निर्देश, गैंगस्टर जैसी कार्रवाई करने की तैयारी

मुजफ्फरनगर। अवैध मदिरा निर्माण, बिक्री और तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए मुज़फ्फरनगर में आबकारी विभाग ने अपना विशेष प्रवर्तन अभियान और अधिक सख़्ती के साथ शुरू कर दिया है। जिले में लगातार मिल रही अवैध शराब की शिकायतों और बढ़ते जोखिमों को देखते हुए विभाग ने जमीन-स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। इसके लिए आज जिले के आबकारी अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में नई रणनीति तय की गई और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव (आबकारी) व आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चल रहे विशेष प्रवर्तन अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला आबकारी कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।इस बैठक की अध्यक्षता उप आबकारी आयुक्त, सहारनपुर प्रभार ने की। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षकगण, प्रधान आबकारी सिपाही और अन्य कर्मियों ने भाग लिया। बैठक में अवैध मदिरा के खात्मे हेतु सख़्त एवं चरणबद्ध कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा हुई और निर्देश जारी किए गए।
उप आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिए कि जनपद में ऐसे स्थान जहाँ अवैध शराब के निष्कर्षण या निर्माण की संभावना अधिक रहती हैकृजैसे ईंट भट्टे, नदियों के कछार तथा दूर-दराज़ के क्षेत्रकृवहाँ नियमित और सघन छापेमारी की जाए। साथ ही, पकड़े गए अभियोगों में आबकारी अधिनियम की विद्यमान धाराओं के साथ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिन क्षेत्रों में मदिरा की दुकानों का संचालन अव्यवस्थित है या जिन क्षेत्रों को ‘असेवित घोषित किया गया है, वहाँ अवैध शराब निर्माण व बिक्री की संभावना अधिक रहती है। इसे देखते हुए अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए।
कच्ची शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त माफिया व तस्करों की पहचान की गई सूची पर विशेष ध्यान देते हुए उप आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से गैंगस्टर एक्ट व गुंडा एक्ट के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, इन गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखने को भी कहा गया, ताकि अवैध कारोबार की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। अवैध शराब के सेवन से होने वाले जोखिमों और जनहानि को देखते हुए आबकारी विभाग ने जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। इसके तहतकृअवैध शराब के अड्डों की सूचना देने और इसके सेवन से परहेज करने के लिए विभिन्न मंच के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिकतम लोग इससे जागरूक हो सकें। अवैध मदिरा के खिलाफ मुज़फ्फरनगर में चल रहे इस विशेष प्रवर्तन अभियान से प्रशासन का इरादा स्पष्ट है कि अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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