डी-फार्मा कोर्स के नाम पर दो जिलों के 9 छात्र-छात्राओं से वसूले 34.20 लाख, रजिस्ट्रेशन में फर्जी अंकपत्र पकड़े जाने पर खुला राज
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में शिक्षा के नाम पर भरोसा जीतने और भविष्य संवारने के सपने दिखाकर एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क के चलने का मामला सामने आया है। एक निजी फार्मेसी कॉलेज पर न केवल भारी भरकम फीस वसूलने, बल्कि छात्रों को अवैध व फर्जी डिग्रियां देने का गंभीर आरोप लगा है। घोटाला तब उजागर हुआ जब पीड़ित छात्र असली प्रमाणपत्रों की जांच कराने पहुंचे और उनके दस्तावेज फर्जी पाए गए।
मुजफ्फरनगर के बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में डी-फार्मा कोर्स में दाखिले के नाम पर लाखों की ठगी का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। बरेली और शाहजहांपुर के 9 युवकों ने आरोप लगाया है कि संस्थान के संचालकों ने 2022 में उनसे दो वर्षीय डी फार्मा पाठ्यक्रम के लिए 3.80 लाख रुपये प्रति छात्र की फीस वसूली, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट थी। पीड़ित छात्रों के अनुसार, वे 2022 में कॉलेज प्रबंधन से संपर्क में आए थे। प्रबंधक इमलाख खान, चेयरमैन इमरान खान और उनके भाई आरिफ खान ने कोर्स पूरा कराने और मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र देने का भरोसा दिलाया। फीस जमा कराने के बाद भी कई छात्रों को सही ढंग से परीक्षा तक नहीं दिलाई गई।
हालात तब बिगड़े जब कोर्स के अंत में छात्रों को जो मार्कशीट और डिप्लोमा दिया गया, वह दिखने में तो वास्तविक लग रहा था, लेकिन उसमें पासिंग ईयर से लेकर परीक्षा विवरण तक कई गड़बड़ियाँ थीं। शुरुआत में छात्रों ने इसे सामान्य त्रुटि समझा, लेकिन आगे चलकर यह बड़े फर्जीवाड़े का हिस्सा निकला। जब माजिद अली और अन्य छात्र अपने दस्तावेज लेकर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए यूपी फार्मेसी काउंसिल, लखनऊ पहुंचे, तो काउंसिल ने जांच में सभी कागजात फर्जी बताते हुए रजिस्ट्रेशन खारिज कर दिया। काउंसिल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी मान्यता संस्थान को प्रदान ही नहीं की गई थी।
छात्रों के मुताबिक, जब उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से जवाब तलब किया तो आरोपियों ने अपने प्रभाव और राजनीतिक कनेक्शन का डर दिखाते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली। स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने पर पीड़ितों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट के निर्देश पर बरेली जनपद के बिथरी चैनपुर थाने में कॉलेज के प्रबंधक इमलाख खान, चेयरमैन इमरान खान और आरिफ खान के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी देने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कॉलेज पर मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब इतने बड़े घोटाले के सामने आने के बाद प्रशासन भी संस्थान की गतिविधियों की बारीकी से जांच में जुट सकता है।






