आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों के ईपीएफ घोटाले का मामला उठाते हुए लंबित वेतन दिलाने और कार्रवाई करने की मांग
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर में सफाई कर्मचारी संघ कार्यकारिणी के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। इसे लेकर सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज में रोष बढ़ता जा रहा है। चुनाव न कराए जाने को दलित समाज की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
एक बार फिर नगरपालिका परिषद के सफाई कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी का चुनाव कराए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी को लेकर वाल्मीकि समाज से जुड़े लोगों और सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र चुनाव कराए जाने और अन्य लंबित मांगों के समाधान की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारी संघ का कार्यकाल दो वर्षों का होता है और परंपरागत रूप से हर दो वर्ष बाद समय से चुनाव कराए जाते रहे हैं। इन चुनावों के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा, समय से वेतन भुगतान, अन्य सुविधाएं और समस्याओं का समाधान किया जाता रहा है। लेकिन वर्तमान में पालिका प्रशासन द्वारा चुनाव की कोई घोषणा नहीं की जा रही है।
सफाई कर्मचारी के हितों को लेकर वाल्मीकि समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि कई बार संगठनों के माध्यम से नगरपालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से चुनाव कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे दलित समाज के साथ घोर अन्याय बताते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी वर्ग में अधिकांश लोग वाल्मीकि समाज से आते हैं और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी उठाया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि संविदा पर कार्यरत मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अब तक ठेके में समायोजित नहीं किया गया है, जबकि यह उनका अधिकार है। प्रशासन से मांग की गई कि मृतक आश्रितों को शीघ्र ठेके में समायोजित किया जाए।
इसके अलावा ठेका सफाई कर्मचारियों के दिसंबर और जनवरी माह के वेतन में हुए कथित घोटाले का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि इस संबंध में स्थिति सभी के सामने स्पष्ट है, इसके बावजूद ठेका कर्मचारियों के पीएफ का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो सफाई कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से अपील की कि दलित समाज के साथ हो रहे इस अन्याय को रोका जाए और सफाई कर्मचारियों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा। प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में वाल्मीकि समाज के नेता राजकुमार बेनीवाल, अजीत कुमार, दीपक बेनीवाल, राजेन्द्र कुमार, संदीप कुमार, नितिन कुमार और अमित कुमार आदि शामिल रहे।






