फर्जी बैनामे कराकर सार्वजनिक उपयोग की भूमि कब्जाने को लेकर चल रहा है विवाद
मुजफ्फरनगर। शहर के रामपुरी और लद्दावाला क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कब्रिस्तान की भूमि के कथित फर्जी बैनामे और कब्जे की कोशिशों के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
डा. फुरकान मलिक के साथ डीएम से मिले मोहल्लेवासियों का आरोप है कि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही कब्रिस्तान की भूमि को सुनियोजित तरीके से निजी संपत्ति दिखाकर बेचने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस जमीन का इस्तेमाल लंबे समय से मुस्लिम समाज के लोग अपने परिजनों के जनाजे दफन के लिए करते आ रहे हैं, लेकिन अब कुछ लोग कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि पर स्वामित्व जताने लगे हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की देखरेख से जुड़े कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम कथित रूप से बैनामे कराए हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला धोखाधड़ी और कूटरचित अभिलेखों के जरिए अंजाम दिया गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि जमीन के स्वामित्व, बैनामों और राजस्व अभिलेखों की गहन जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले में आर्थिक अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि कब्रिस्तान की संपत्ति और उससे होने वाली आय का कभी कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया गया। इसके अलावा कब्रिस्तान परिसर में खड़े पेड़ों को काटकर बेचने तथा वहां की ईंटों को भी हटाकर बेचने के आरोप लगाए गए हैं। लोगों का दावा है कि जब कब्रिस्तान की देखरेख की जिम्मेदारी नई कमेटी को सौंपी गई, तभी से विवाद खुलकर सामने आने लगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ लोग कब्रिस्तान की भूमि को निजी संपत्ति बताकर वहां शव दफनाने का विरोध कर रहे हैं और समाज के लोगों को धमकियां दी जा रही हैं। इससे क्षेत्र में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत करने वालों में मुख्य रूप से हाजी इदरीस अंसारी, डॉ. फुरकान मलिक, हाजी अरशद सलमानी, निसार रंगरेज, हाजी अब्बास, शहजाद सलमानी, रमजान अंसारी, मोहम्मद मुरसलीन, नौशाद अहमद, जहूर मलिक, शराफत मीर, डॉ. मुजम्मिल खान, नवाब मलिक, फाजिल अंसारी, कामिल, अब्दुल रहमान एवं अब्दुल सलाम त्यागी आदि नागरिक शामिल रहे।






