देवबंद। कोतवाली क्षेत्र के गांव लालवाला में जमीन के कब्जे को लेकर बीते दिनों हुए विवाद और पथराव के मामले में पुलिस ने बुधवार, 13 मई 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में शेर सिंह उर्फ शेरू और अक्षय शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला गांव में एक विवादित आबादी की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। इसी विवाद ने 9 मई 2026 को हिंसक रूप ले लिया, जब कथित तौर पर 40 से 50 महिला-पुरुष ट्रैक्टर के साथ रविन्द्र राणा के घर पहुंचे और वहां हमला, पथराव व जबरन कब्जे की कोशिश की गई। पुलिस का यह भी आरोप है कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया और ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास हुआ।
लिखित तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, गांव लालवाला निवासी रविन्द्र राणा की लिखित तहरीर पर देवबंद कोतवाली में मुकदमा संख्या 329/26 दर्ज किया गया। एफआईआर में बीएनएस की धारा 191(2), 109(1), 115(2), 352, 351(3), 333, 324(2) और 3(5) लगाई गई हैं। मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस द्वारा जारी विवरण में कहा गया है कि विवादित जमीन को लेकर गांव में पहले भी तनाव की स्थिति बनी थी। 5 मई, 7 मई और 8 मई को भी कथित रूप से भीड़ जुटाने और लोगों को भड़काने की कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि 8 मई को अफवाह फैलाई गई कि विवादित स्थल पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित की जा रही है, जिसके बाद गांव में लोगों को इकट्ठा कर रविन्द्र के घर के बाहर हंगामा किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
जांच कमेटी का हवाला, पुलिस ने कब्जे की कोशिश का दावा किया
पुलिस ने जिलाधिकारी द्वारा गठित कमेटी की जांच का हवाला देते हुए कहा है कि विवादित भूमि गाटा संख्या 4267, पुराना गाटा 2344/2 से संबंधित है। जांच में यह भी अंकित किया गया कि उक्त जमीन पर वर्तमान में आबादी बनी हुई है और रविन्द्र सिंह का कई वर्षों से कब्जा दर्ज पाया गया। पुलिस के अनुसार, बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए विवादित भूमि पर बलपूर्वक कब्जे की कोशिश की गई, जिसे पुलिस की सक्रियता से रोका गया।
शेर सिंह को हिस्ट्रीशीटर बताया, कई मुकदमों का हवाला
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी शेर सिंह उर्फ शेरू को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए उसके विरुद्ध पूर्व में दर्ज कई मुकदमों का विवरण भी जारी किया है। प्रेस नोट के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 2004 से 2026 के बीच आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट और भारतीय दंड संहिता/बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद गांव में पर्याप्त पुलिस और पीएसी बल की तैनाती की गई है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम बताई गई है, हालांकि एहतियात के तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, ऑडियो, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान खंगाले जा रहे हैं।






