सिविल लाइन पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने संधावली कट के पास संचालित एक अवैध शस्त्र निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान दो बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गए। मौके से तैयार और अधबने तमंचों-पिस्टलों के साथ भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित गिरोह बनाकर अवैध हथियार तैयार कर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे।
एसएसपी संजय वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया से गुडवर्क की जानकारी साझा करते हुए बताया कि थाना सिविल लाइन पुलिस को 25 मई 2026 को सूचना मिली थी कि संधावली कट के पास एक बंद पड़ी फैक्ट्री में कुछ लोग अवैध असलाह तैयार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फैक्ट्री के खंडहरनुमा कमरे से रोशनी और हथियार बनाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी की, तभी अंदर मौजूद एक व्यक्ति ने पुलिस को देख लिया और शोर मचा दिया। इसके बाद कमरे की आड़ लेकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश लगातार फायरिंग करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने घायल हुए शमीम उर्फ सोनू और विशाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कॉम्बिंग अभियान के दौरान अदनान और मुर्सलीन को भी दबोच लिया गया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से शमीम उर्फ सोनू निवासी सुभाषनगर नई मंडी थाना और विशाल निवासी गांव खुब्बापुर थाना मंसूरपुर पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं, जबकि इनके साथियों अदनान निवासी हुसैनपुर बोपाड़ा थाना मंसूरपुर और मुर्सलीन निवासी सुभाषनगर थाना नई मंडी को काम्बिंग में पकड़ा गया।
एसएसपी ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस ने मौके से अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। बरामदगी में 13 तमंचे .315 बोर, 2 तमंचे .32 बोर, 1 पिस्टल 9 एमएम, 1 पिस्टल .32 बोर, 4 अधबने तमंचे, 6 जिंदा कारतूस, 4 खोखा कारतूस और 1 इलेक्ट्रिक स्कूटी शामिल है। इसके अलावा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली ड्रिल मशीन, गैस सिलेंडर, बैरल, रेती, स्प्रिंग, लोहे की रॉड, पिस्टल फ्रेम, बर्नर, हथौड़ा, आरी और अन्य उपकरणों सहित बड़ी संख्या में सामान बरामद किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। आरोपी मांग के अनुसार अवैध हथियार तैयार कर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करते थे। पुलिस से बचने के लिए यह लोग सुनसान इलाकों में फैक्ट्री लगाकर बार-बार ठिकाने बदलते रहते थे। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से अवैध हथियार तस्करी में सक्रिय था और इसके नेटवर्क की जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में शमीम, विशाल और अदनान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, मारपीट, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। विशाल के खिलाफ मुजफ्फरनगर के अलावा हरिद्वार में भी मुकदमा दर्ज बताया गया है। पूरी कार्रवाई थाना सिविल लाइन पुलिस टीम ने की। अभियान में थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक सतेंद्र सिंह ढिल्लो समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।






