भाकियू तोमर ने सीएमओ कार्यालय को घेरा, लगाये आरोप

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के बैनर तले किसानों और अल्ट्रासाउंड संचालकों ने जिला स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया को ज्ञापन सौंपते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप लगाए।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सीएमओ कार्यालय अब जनसेवा का नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल और अल्ट्रासाउंड सेंटर के रजिस्ट्रेशन के नाम पर खुलेआम रिश्वत मांगी जाती है। विशेष रूप से एसीएमओ डॉ. प्रशांत कुमार पर अवैध वसूली, डॉक्टरों और संचालकों के साथ दुर्व्यवहार और सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए।

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सीएमओ को सौंपे गये ज्ञापन में भाकियू तोमर जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी की ओर से आरोप लगाये गये कि सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। रजिस्ट्रेशन और अनुमति के नाम पर आम नागरिकों और संचालकों से लाखों रुपये की रिश्वत की माँग की जाती है। उन्होंने एसीएमओ डॉ. प्रशांत कुमार पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों और क्लीनिकों के संचालकों से जबरन धन वसूली की जाती है, और विरोध करने पर संस्थानों को सील कर दिया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया को कई बार शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, वे एसीएमओ का संरक्षण कर रहे हैं। कहा गया कि ग्राम सिलावर निवासी किसान आसिफ अली द्वारा खोले गए सिटी अल्ट्रासाउंड व क्लिनिक से भी कथित तौर पर हर महीने रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत न देने पर उनका क्लिनिक सील कर दिया गया।

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इस मौके पर निखिल चौधरी ने कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो 11 अगस्त को ज़िला स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अब चुप नहीं बैठेंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की माँग की।

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