नई मंडी पुलिस के हाथ लगा शातिरों का गिरोह, पिता और दो सगे भाई भी शामिल
मुजफ्फरनगर। जनपद की नई मंडी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा किया है। इसमें गिरोह मेले में बड़ा डाका, चोरी या अन्य कोई वारदात करने की तैयारी में था। पुलिस ने ऐसे शातिर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो धार्मिक मेलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बनाकर चोरी, जेबकतरी और चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार गिरोह इस बार प्रसिद्ध शुक्रताल मेले में बड़ी वारदातों की तैयारी कर रहा था। आरोपियों के कब्जे से पांच अवैध चाकू और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनका इस्तेमाल वारदातों में किया जाता था।
पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह बेहद संगठित तरीके से अपराध करता था। गिरोह में एक बुजुर्ग पिता और उसके दो सगे बेटे भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक धर्मपाल नामक बुजुर्ग को गिरोह ने अपनी सुरक्षित ढाल बना रखा था। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य चोरी या लूट का सामान धर्मपाल को सौंप देते थे, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। पुलिस के अनुसार धर्मपाल के दोनों बेटे मोनू और सोमवीर अपने साथियों के साथ भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सक्रिय रहते थे। प्रदेश में जहां कहीं मेला, नुमाइश या धार्मिक आयोजन होता, यह गिरोह वहां पहुंचकर श्रद्धालुओं और आम लोगों को निशाना बनाता था।
घटना 25 मई 2026 की है, जब थाना नई मंडी पुलिस क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एनएच-58 के पास स्थित कूकड़ा ग्राउंड के एक सुनसान खंडहर में कुछ संदिग्ध लोग छिपे हुए हैं और शुक्रताल मेले में चोरी व चेन स्नेचिंग की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आनंद देव मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दी। पुलिस ने खंडहर के भीतर मौजूद आरोपियों की गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद दबिश दी और सभी छह बदमाशों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमेंकृअमित पुत्र सोमपाल निवासी ग्राम खोखनी थाना ककरौली, रोकी पुत्र उदयपाल निवासी ग्राम इस्लामपुर भमौली जनपद शामली, मोनु और सोमवीर पुत्र गण धर्मपाल तथा धर्मपाल पुत्र हरदेवा निवासी ग्राम गढ़ी दौलत जनपद शामली और सोनी पुत्र पीरू निवासी ग्राम बेहड़ा सादात, थाना ककरौली शामिल हैं।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी मोन और सोनी के खिलाफ ककरौली, मीरापुर और भोपा थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं धर्मपाल भी पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों और इनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय रहा है। थाना प्रभारी नई मंडी इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा के साथ ही वरिष्ठ उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक संदीप सिंह, कांस्टेबल मुनेश कुमार, रोहित कुमार, दिनेश बाना, राजीव अत्री, विरेख तेवतिया और धर्मेंद्र कुमार की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने नई मंडी पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।






