देवबंद। दिवालहेड़ी पुलिया के पास देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस और बाइक सवार दो संदिग्धों के बीच मुठभेड़ होने का मामला सामने आया है। पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में गौकशी के एक मामले में वांछित और हिस्ट्रीशीटर अहसान के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायलावस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
थाना देवबंद पुलिस के अनुसार, रात करीब एक से दो बजे के बीच उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह और उपनिरीक्षक शिवम चौधरी पुलिस बल के साथ दिवालहेड़ी पुलिया के पास चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि बाइक सवारों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, कच्चे और रेत भरे रास्ते पर बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद दोनों युवक पास के खेत में घुस गए और वहां से दोबारा पुलिस टीम पर गोली चलाने का आरोप है। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक युवक के पैर में गोली लगने की बात कही गई है।
घायल युवक की पहचान अहसान पुत्र असगर, निवासी भन्हेड़ा खास, थाना देवबंद के रूप में हुई है। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवबंद भेजा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से .315 बोर का एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, अहसान थाना देवबंद का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 76-A दर्ज है। वह गौकशी के एक मुकदमे में वांछित बताया गया है। उसके खिलाफ देवबंद तथा अन्य थानों में गौकशी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और गिरोहबंद अधिनियम समेत करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस ने आसपास के इलाके में कांबिंग अभियान चलाया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में पुलिस के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।






