मुजफ्फरनगर में प्रकाश चौक से नौकरी का झांसा देकर युवती को कार में अपहण कर ले जाने के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू के पैर में गोली लगी है, जबकि उसकी फायरिंग में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। चंडीगढ़ निवासी सतपाल उर्फ सत्तू का कुख्यात ‘छोटा राजन’ गैंग से संबंध रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट और दुष्कर्म समेत दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि 19 जून को प्रकाश चौक से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा युवती को झांसा देकर ओरा कार में ले जाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें लगाई गईं और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
मुजफ्फरनगर अपहरण केस की जांच में पुलिस ने 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों और टोल बूथों की फुटेज खंगाली। इसके बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची और कार की पहचान की गई।
पुलिस के अनुसार, 22 और 23 जून की रात सिविल लाइन पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान PB 01E 5793 नंबर की संदिग्ध ओरा कार दिखाई दी। रुकने का इशारा करने पर कार सवार ने भागने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के बाद आरोपी कार छोड़कर भागा और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से अपहृत युवती की पीली धातु की कानों की बालियां, मोबाइल फोन, .32 बोर की पिस्टल, खोखा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल ओरा कार बरामद करने का दावा किया है। एक कूटरचित दस्तावेज भी मिला है।
आरोपी की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नू राम निवासी रामदरबार, थाना सेक्टर-32, चंडीगढ़ के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, वह 6 फरवरी 2026 को पंजाब की लुधियाना जेल से फरार हुआ था और इसके बाद उत्तर प्रदेश में छिपकर रह रहा था। आरोपी ने यूपी के कई जिलों में नाबालिग किशोरियों को निशाना बनाकर अपहरण और दुष्कर्म की वारदातें कीं।
मुठभेड़ के बाद आरोपी और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने आरोपी की हालत गंभीर देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया, जबकि दोनों पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
एसपी सिटी अमृत जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में किन लोगों ने पनाह दी थी।





