मुजफ्फरनगर में सकल जैन समाज की बैठक में पारित हुआ निंदा प्रस्ताव, माफी और बयान वापसी की मांग
मुजफ्फरनगर। पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा जैन संतों और जैन धर्म की पवित्र परंपराओं को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक और तथ्यहीन बयान के विरोध में देशभर के जैन समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जैन अतिथि भवन, मुजफ्फरनगर में 25 जून 2026 की शाम आयोजित बैठक में समाज के विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जैन संत परंपरा और संतों द्वारा प्रयोग की जाने वाली पवित्र मयूर पिच्छी के संबंध में दिया गया बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि करोड़ों जैन अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को भी आहत करने वाला है।
बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए मेनका गांधी से तत्काल सार्वजनिक रूप से जैन समाज से क्षमा मांगने और अपना बयान वापस लेने की मांग की। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि समाज की भावनाओं का सम्मान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जैन समाज के सम्मान, धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जैन सम्मान एवं अधिकार रक्षा अभियान के तहत चरणबद्ध आंदोलन संचालित किया जाएगा।
अभियान के प्रथम चरण में 30 जून 2026 को देशव्यापी सोशल मीडिया जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर व्यापक अभियान चलाकर जैन धर्म से संबंधित तथ्यों को साझा किया जाएगा। इस दौरान जैन संत, समाज के प्रबुद्धजन और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि वीडियो संदेश जारी कर जैन धर्म के संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों का तथ्यात्मक जवाब देंगे और मेनका गांधी के बयान का विरोध दर्ज कराएंगे। अभियान के दूसरे चरण में 7 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक देशभर के प्रमुख जैन मंदिरों और धर्मस्थलों के बाहर ष्राष्ट्रव्यापी जैन सम्मान मौन आंदोलनष् आयोजित किया जाएगा। आंदोलन में शामिल लोग हाथों पर काली पट्टी बांधकर जैन समाज के सम्मान और धार्मिक परंपराओं की रक्षा का संकल्प लेंगे। इस अवसर पर मेनका गांधी को सद्बुद्धि प्रदान करने और विश्व शांति की कामना के साथ सामूहिक णमोकार मंत्र का जाप भी किया जाएगा।
मौन आंदोलन के बाद उसी दिन सुबह 11.30 बजे देशभर के जिलों में जिला अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को ज्ञापन भेजे जाएंगे। ज्ञापन में मेनका गांधी से सार्वजनिक माफी, बयान वापसी और जैन धर्म व जैन संत परंपरा के सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आंदोलन के प्रारंभिक चरण पूरे होने के बाद सकल जैन समाज की पुनः बैठक आयोजित कर आंदोलन की समीक्षा की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर अगले चरण की रणनीति घोषित की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने सभी समाजजनों से शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से आंदोलन में अधिक से अधिक सहभागिता करने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता संजय जैन ने की, जबकि संचालन एडवोकेट निपुण जैन ने किया। बैठक को जैन एकता मंच (युवा शाखा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन, पंकज जैन, प्रदीप जैन, रोहित जैन, नितिन जैन, अमूल जैन, अनुज जैन, अमित जैन और प्रवीण जैन सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।






