अम्बेडकरनगर- STF ने एक लाख के इनामी बदमाश संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। इसने 15 साल पहले ताबड़तोड़ लूट व हत्याएं करके जरायम की दुनिया में कदम रखा था। अकबरपुर व महरुआ में दिलीप वर्मा गैंग के साथ मिलकर तीन वारदातों को अंजाम दिया था। हालांकि, पिता व भाई का कहना है कि इस बार संजीव को झूठा फंसाया गया। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था।
राजधानी लखनऊ में यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में अंबेडकरनगर निवासी बदमाश संजय उर्फ संजीव मारा गया। इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसने वर्ष 2011 में अयोध्या के दिलीप वर्मा के साथ मिलकर ताबड़तोड़ लूट व हत्याएं की थीं। जिले के अकबरपुर व महरुआ में लूट व तीन हत्याएं करके जरायम की दुनिया में अपना डंका बजाया। करीब 11 साल तक जेल में निरुद्ध रहने के बाद बाहर आया तो फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करने लगा। एनकाउंटर के बाद मृतक के पिता व भाई झूठा फंसाने की दलील दे रहे हैं।
मूलरूप से अहिरौली थाना क्षेत्र के चककोडार गांव निवासी संजय उर्फ संजीव के विरुद्ध महरुआ में हत्या, लूट के दो व अकबरपुर में एक मामला दर्ज है। वह लगभग 12 वर्षों तक जेल में भी रहा। जेल से रिहा होने के बाद करीब तीन वर्षों से गांव में रह रहा था। हालांकि, उसका अधिकांश समय गोसाईगंज क्षेत्र के वंदनपुर स्थित अपनी ससुराल में बीतता था।

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाईः मीरापुर का अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, दो अस्पतालों को नोटिस जारी
पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कुमार द्वारा तत्काल प्रभाव से सेंटर को सील कर दिया गया





