मुजफ्फरनगर में रिश्वत लेते सिविल लाइन थाने के एसएसआई गिरफ्तार

एंटी करप्शन टीम ने थाने में रंगे हाथ दबोचा, एफआर लगाने के नाम पर दो लाख रुपये मांगने का आरोप; एसएसपी और एएसपी मौके पर पहुंचे

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) प्रवीण शर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जबकि मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सिविल लाइन थाने में एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को रिश्वतखोरी के आरोप में एसएसआई प्रवीण शर्मा को गिरफ्तार कर सनसनी फैला दी। आरोप है कि एक मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित की शिकायत पर टीम ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को 50 हजार रुपये लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया।

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जानकारी के अनुसार, मुकेश कुमार की ओर से वर्ष 2025 में न्यायालय के आदेश पर धारा 156(3) के तहत सिविल लाइन थाने में ओमपाल सिंह आर्य पुत्र सौराज सिंह निवासी ग्राम कसौली, थाना चरथावल के विरुद्ध आर्य समाज की संपत्ति में कथित अनियमितता के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण की विवेचना एसएसआई प्रवीण शर्मा को सौंपी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, विवेचना के दौरान मुकदमे में एफआर लगाने के नाम पर ओमपाल सिंह से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में बातचीत के बाद 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपी ओमपाल सिंह ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन संगठन से कर दी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।

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बुधवार को तय योजना के अनुसार ओमपाल सिंह को 50 हजार रुपये लेकर सिविल लाइन थाने बुलाया गया। जैसे ही एसएसआई प्रवीण शर्मा ने रुपये लिए, पहले से तैनात एंटी करप्शन टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान थाने में अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई। कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी एसएसआई को अपने साथ थाना सिखेड़ा ले गई, जहां उनसे पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सिटी) सिद्धार्थ मिश्रा सिविल लाइन थाने पहुंचे। थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह का कहना है कि उनको मामले की कोई जानकारी नहीं है, वो कोर्ट केस होने के कारण कोर्ट में जाने की तैयारी में थे कि अचानक ही शोरगुल हुआ, वो भी दौड़कर पहुंचे तो पता चला कि कुछ लोगों ने थाने के एसएसआई को पकड़ा है, जानकारी करने पर यही मालूम हुआ कि पकड़ने वाले लोग एंटी करप्शन की टीम के अधिकारी हैं। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी और कोर्ट में तारीख पर चले गये थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सिटी) सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि फिलहाल मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल एंटी करप्शन टीम मामले की जांच में जुटी है और प्रकरण में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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