रोहाना और सिवाया टोल पर पुलिस से नोकझोंक, सांसद ने टोल पर ही की जनसभा, कार्रवाई पर सवाल
मुजफ्फरनगर। मेरठ के रोहटा क्षेत्र में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद एडवोकेट के काफिले को शुक्रवार को मुजफ्फरनगर और मेरठ में कई स्थानों पर पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा दोनों जनपदों में कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच सीमित संख्या में वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी गई, जबकि शेष वाहनों को वापस भेज दिया गया।
मुजफ्फरनगर में सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर सवेरे से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। यहां पर पुलिस अफसरों ने सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोक लिया। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई। पार्टी नेताओं ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। खुद सांसद चंद्रशेखर ने भी विरोध किया और पुलिस कर्मियों ने उनकी तीखी नोकझोंक हुई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन ने सांसद के काफिले की केवल तीन से चार गाड़ियों को मेरठ की ओर जाने की अनुमति दी, जबकि अन्य वाहनों को वापस लौटा दिया गया।

उधर मेरठ पहुंचने से पहले ही प्रशासन ने सिवाया टोल प्लाजा सहित आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। टोल प्लाजा पर बैरिकेडिंग कर कई लेन बंद कर दी गईं और यातायात को केवल एक लेन से संचालित किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, त्वरित प्रतिक्रिया बल (क्यूआरटी) तथा प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। सांसद चंद्रशेखर के पहुंचते ही पुलिस ने उनका काफिला रोक दिया, जिससे समर्थकों की भीड़ एकत्र हो गई और क्षेत्र में काफी देर तक हलचल बनी रही।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस लगातार समर्थकों को समझाने का प्रयास करती रही, जबकि समर्थक सांसद को पीड़ित परिवार से मिलने जाने देने की मांग पर अड़े रहे। चंद्रशेखर समर्थकों के साथ टोल पर ही धरने पर बैठ गये। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने टोल पर ही जनसभा की। बारिश के बीच ही उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलना, उनका हालचाल जानना और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ा होना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा लोगों के साथ की गई कार्रवाई उचित नहीं है और महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ है। उन्होंने कहा कि दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कृत्यों का जवाब देना होगा। सांसद ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे तथा पूरे घटनाक्रम के दौरान हालात पर लगातार नजर रखी गई।
