निरीक्षण के दौरान निर्धारित ड्यूटी स्थल से मिले अनुपस्थित, दो दिन में मांगा लिखित स्पष्टीकरण, संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान कानून-व्यवस्था और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने और लापरवाही बरतने के आरोप में आठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा सोमवार को एसएसपी संजय वर्मा के साथ कांवड़ मार्ग पर व्यवस्था परखने के लिए औचक निरीक्षण किया गया था। इसमें विभागीय स्तर पर कई बड़े अधिकारी ड्यूटी स्थल से नदारद मिले। इसके बाद डीएम ने इनसे जवाब तलब किया गया है। इन अधिकारियों को जारी नोटिस के अनुसार निरीक्षण के दौरान जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित स्थलों पर लगाई गई थी, वे मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इसे शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कांवड़ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया है।
कांवड़ मार्ग पर अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल से नदारद पाये गए अधिकारियों में विनोद कुमार डाबरा (प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी भूमि संरक्षण विभाग), कमलेश बाबू (खंड शिक्षा अधिकारी पुरकाजी), धर्मेंद्र कुमार (सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी), तरुण कुमार (प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी भूमि संरक्षण विभाग), राहुल सिंह तेवतिया (जिला कृषि अधिकारी), ओम हरि उपाध्याय (जिला पूर्ति अधिकारी), अभिनव राज (प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग) तथा संजय सिसोदिया (जिला गन्ना अधिकारी) शामिल हैं।
डीएम द्वारा नोटिस में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली से यह प्रतीत होता है कि वे शासन की प्राथमिकता वाले कांवड़ यात्रा-2026 जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं हैं। यह आचरण उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का परिचायक है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कानून एवं शांति व्यवस्था संबंधी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के संबंध में दो दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब प्राप्त नहीं होता या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
