तहसील सदर का सरकारी क्वार्टर खाली कर परिवार आया था अलमासपुर, सामान रखते समय कपड़ों के बैग से नकदी गायब मिलने पर दर्ज कराई एफआईआर
मुजफ्फरनगर। नई मंडी थाना क्षेत्र के अलमासपुर में तहसील सदर का सरकारी क्वार्टर खाली कर किराये के मकान में आए परिवार के सामान से 3.60 लाख रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। पीड़िता रूपांश, खतौली तहसील में कानूनगो के पद पर कार्यरत जगदीश प्रसाद की पुत्रवधु बताई गई हैं। परिवार कुछ समय पहले तहसील सदर स्थित सरकारी क्वार्टर खाली कर अलमासपुर की बर्फ खाने वाली गली में किराये के मकान में रहने आया था।
पीड़िता रूपांश द्वारा नई मंडी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार नए पीड़िता के मुताबिक 24 अगस्त को जब वह नए मकान में सामान व्यवस्थित कर रही थीं, मकान में एसी और फर्नीचर की मरम्मत का काम कराया जाना था। इसके लिए पीड़िता के पति अंकित कुमार ने अलमासपुर निवासी अपने जानकार आशु पुत्र स्व. ज्ञान सिंह और निखिल कटारिया पुत्र सुभाष कटारिया को बुलाया था, जबकि एसी रिपेयरिंग के लिए इनके जरिये गांव कवाल निवासी शिवम पुत्र सतबीर से संपर्क किया गया था। तीनों घर में सामान शिफ्ट कराने और एसी की फिटिंग कराने के लिए लगे हुए थे, बीच बीच में ये तीनों कुछ देर के लिए बाहर भी गये थे।
एसी बीच रूपांश ने जब तीनों की गैर मौजूदगी में कपड़ों के बीच रखा बड़ा पर्सनुमा बैग देखा। बैग में रखे 3 लाख 60 हजार रुपये नहीं मिले। नकदी गायब मिलने पर उन्होंने अपने पति को इसकी जानकारी दी। एफआईआर में निखिल कटारिया और शिवम समेत तीन लोगों के नाम दर्ज कराए गए हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी अमृज जैन ने बताया कि नई मंडी थाने में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना निरीक्षक आनंद देव मिश्रा को सौंपी गई है। पुलिस मामले में नामजद लोगों से पूछताछ और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
