19 सितंबर से 25 सितंबर तक पोर्ट ब्लेयर में होगा अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन, दो सत्रों की अध्यक्षता में अपनी लघुकथाओं का वाचन भी करेंगे
सहारनपुर। सहारनपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. वीरेन्द्र आज़म पोर्ट ब्लेयर में होने वाले 26 वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में दो सत्रों की अध्यक्षता करेंगे। वे हिंदी सम्मेलन में अपनी लघुकथाओं का वाचन भी करेंगे और पद्मश्री कन्हैयालाल मिश्र की लघुकथाओं पर आख्यान भी देंगे। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में डॉ.वीरेन्द्र आज़म द्वारा संपादित ‘शीतल वाणी’ हिंदी त्रैमासिक के लघुकथा विशेषांक का भी लोकार्पण किया जायेगा।
लघुकथा के जनक माधवराव सप्रे की प्रथम लघुकथा ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ की 125वीं जयंती को समर्पित करते हुए 19 सितंबर से 25 सितंबर तक पोर्ट ब्लेयर में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का अयोजन किया गया है। सम्मेलन में देश के 18 राज्यों के साहित्यकार भाग लेंगे। सम्मेलन के पांच सत्रों में से दो सत्रों, उद्घाटन सत्र व संगोष्ठी सत्र की अध्यक्षता सहारनपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. वीरेन्द्र आज़म करेंगे। उन्हें पद्मश्री डॉ. महेंद्र कुमार मिश्र, साहित्य अकादेमी के निवर्तमान सचिव के. श्रीनिवास राव, स्वामी शिव ज्योतिषानंद व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सविता मोहन के साथ अध्यक्ष मंडल में रखा गया है। उन्हें सात साहित्यकारों की उस समिति में भी रखा गया है जो यह तय करेगी कि अगला यानि 27 वां अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन किस देश में होगा।
डॉ.वीरेंद्र आज़म ने बताया कि सम्मेलन में उनके द्वारा पद्मश्री कन्हैयाला मिश्र प्रभाकर की लघुकथाओं पर आख्यान दिया जायेगा और अपनी लघुकथाओं का वाचन भी उनके द्वारा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि लघुकथाओं के विकास, लघुकथा में स्त्री विमर्श, आज के समय की आवश्यकता लघुकथा आदि विषयों के अलावा देशभर के 30 से अधिक लघुकथाकारों की लघुकथाओं पर आधारित शीतलवाणी के लघुकथा विशेषांक का लोकार्पण भी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में किया जायेगा।
