पूर्व सांसद आलम ने बेटे नवाजिश के साथ छोड़ा चंद्रशेखर का साथ

पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर की आजाद समाज पार्टी छोड़ने की घोषणा, कहा-नहीं मिल रहे थे विचार

मुजफ्फरनगर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे, पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। नवाजिश आलम खान ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से पिता सहित अपने इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक की। पिता-पुत्र के एक साथ पार्टी छोड़ने के बाद पश्चिमी यूपी के राजनीतिक गलियारों में उनकी अगली राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके पुत्र पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान ने रालोद छोड़ने के बाद फरवरी 2025 में शामली के गढ़ीपुख्ता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उस समय पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी में दोनों नेताओं के आसपा में शामिल होने को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना गया था। इससे पहले दोनों नेता राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े हुए थे।

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अमीर आलम खान का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह कैराना लोकसभा सीट से सांसद रहने के साथ राज्यसभा सदस्य और उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। वो करीब 40 साल से सक्रिय राजनीति में रहे हैं। वहीं उनके पुत्र नवाजिश आलम खान वर्ष 2012 से 2017 तक बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। पिता-पुत्र की क्षेत्रीय राजनीति में सक्रियता को देखते हुए आसपा से उनका अलग होना संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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इस्तीफे की वजह को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन दोनों नेताओं की ओर से सामने आए आधिकारिक बयान के अलावा किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि माना जा रहा है आसपा द्वारा यूपी के कुछ जिलों में विधानसभा प्रभारियों के नामों का ऐलान किया गया है, इसमें मुजफ्फरनगर से अमीर आलम खां और नवाजिश आलम के नाम शामिल नहीं रहे हैं। आसपा से टिकट नहीं मिलने की संभावना को देखते ही यह निर्णय माना जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों नेता अपनी राजनीतिक भूमिका और चुनावी संभावनाओं को लेकर नए सिरे से रणनीति बना सकते हैं। हालांकि, फिलहाल उनकी ओर से किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने या नई राजनीतिक घोषणा किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने के बीच अमीर आलम और नवाजिश आलम का आसपा से अलग होना पश्चिमी यूपी में चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों नेता आगे किस राजनीतिक मंच का रुख करते हैं और मुजफ्फरनगर-शामली क्षेत्र में उनकी अगली राजनीतिक भूमिका क्या रहती है, क्योंकि अमीर आलम खां ने मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का पुरजोर ऐलान किया है और वो इसकी तैयारी में भी जुटे हुए हैं।

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