शिव मंदिर की प्राचीर तोड़े जाने का वीडियो वायरल, एक युवक हथौड़े से निर्माण ध्वस्त करता आया नजर, योग साधना आश्रम के स्वामी यशवीर की ने मंदिर की सुरक्षा को लेकर की जांच व कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरनगर। योगीराज में मुजफ्फरनगर में एक प्राचीन बताये जा रहे शिव मंदिर की प्राचीर को हथौड़े से ध्वस्त करने की घटना से हड़कम्प मच गया है। चरथावल रोड पर शनिधाम से आगे स्थित एक पुराने शिव मंदिर को लेकर यह जाता विवाद सामने आया है। मंदिर की प्राचीर और निर्माण को हथौड़े से तोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने इस वीडियो को अपनी फेसबुक पोस्ट में साझा किया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्वामी यशवीर महाराज द्वारा सोमवार को की गई फेसबुक पोस्ट के अनुसार, चरथावल रोड स्थित उक्त शिव मंदिर का निर्माण एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी ने जमीन खरीदकर निजी तौर पर कराया था। बताया गया है कि अधिकारी ने बाद में संन्यास ग्रहण कर मंदिर परिसर में रहते हुए पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां कीं। वो खुद ही इस मंदिर की देखभाल करते रहे। उनके निधन के बाद उनके परिवार के सदस्यों के मंदिर परिसर में पहुंचने और वहां किए गए निर्माण को तोड़ने का प्रयास करने की सूचना सामने आई है।
स्वामी यशवीर के अनुसार इसी बीच मंदिर की प्राचीर पर हथौड़ा चलाकर निर्माण को तोड़ते हुए एक युवक का वीडियो भी उनके पास पहुंचा है, जो उन्होंने पोस्ट किया है। वीडियो सामने आने के बाद मंदिर के अस्तित्व और परिसर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शिव मंदिर को तोड़े जाने के इस गंभीर मामले में स्वामी यशवीर महाराज ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर परिसर में किसी प्रकार का विवाद है तो उसका समाधान कानून के दायरे में किया जाना चाहिए और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार के निर्माण को क्षति पहुंचाने की कार्रवाई रोकी जानी चाहिए। मंदिर के अस्तित्व को बचाये रखना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने प्रशासन से मंदिर की स्थिति का मौके पर निरीक्षण करने, संबंधित पक्षों से जानकारी लेने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। अब पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मंदिर की प्राचीर तोड़े जाने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक विवाद क्या है।
