मुजफ्फरनगर की सियासत में पीढ़ी परिवर्तन की आहट, विधायक मिथलेश ने की बड़ी बेटी सुप्रिया पाल को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर की राजनीति में विरासत की दहलीज पर एक बार फिर बड़ा बदलाव आकार लेता दिख रहा है। करीब तीन दशक की राजनीतिक संघर्ष में सियासी बिसात पर खुद को साबित कर चुकीं मीरापुर विधायक मिथलेश पाल अब अपनी राजनीतिक विरासत अगली पीढ़ी को सौंपने की तैयारी में हैं। इस बदलाव की धुरी बनी हैं उनकी बड़ी बेटी सुप्रिया पाल, जो हाल के महीनों में क्षेत्र में एक सक्रिय और प्रभावशाली राजनीतिक चेहरे के रूप में उभरी हैं। विधायक मिथलेश पाल बेटी को आगामी दिनों में चुनावी मैदान में उतारने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं।

बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल में अपने तीन दशक के सफर की राजनीति में अलग पहचान बनाने वाली मीरापुर विधानसभा की मौजूदा विधायक मिथलेश पाल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना के क्षमता विस्तार को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद भी रालोद सांसद चंदन चौहान द्वारा कथित अनदेखी के विवाद के चलते वह पहले ही सुर्खियों में थीं, लेकिन अब इस सियासी चर्चा में एक नया और अहम मोड़ जुड़ गया है।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, विधायक मिथलेश पाल अपनी राजनीतिक विरासत अपनी बड़ी बेटी सुप्रिया पाल को सौंपने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में उन्हें चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है। यह संकेत नवंबर 2024 में मीरापुर विधानसभा में हुए उपचुनाव के दौरान ही मिलने लगे थे, जब सुप्रिया पाल अचानक एक पूरी तरह सक्रिय राजनीतिक चेहरे के रूप में सामने आई थीं।

इस उपचुनाव के दौरान सुप्रिया पाल ने अपनी मां मिथलेश पाल के चुनाव प्रचार की मुख्य कमान संभाली। दिन-रात क्षेत्र में रहकर उन्होंने जनसंपर्क, सभाओं और संगठनात्मक समन्वय में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों का असर यह रहा कि वह न सिर्फ चुनावी रणनीति का चेहरा बनीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच भी उनकी पहचान मजबूत हुई।

चुनाव के बाद भी सुप्रिया पाल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और विधायक मिथलेश पाल के प्रतिनिधि के रूप में जनता की समस्याओं को सुनने और समाधान के प्रयासों में जुटी हुई हैं। सुप्रिया पाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का भी आशीर्वाद प्राप्त हो चुका है, जिससे उनकी सियासी राह और मजबूत होती दिखाई दे रही है। सुप्रिया पाल को आने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में औपचारिक रूप से मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है।

सुप्रिया ने जिला पंचायत के वार्ड संख्या-8 से सदस्य पद का चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। वो इसके लिए लगातार जनसम्पर्क करते हुए अपना लक्ष्य तय कर चुकी है। जिला पंचायत का वार्ड संख्या 8 विकास खंड चरथावल के अन्तर्गत आता है, इसमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों में रोहाना कलां, रोहाना खुर्द, बेहेड़ी, बेगमपुर, बडकली, सादपुर, मलीरा, बाननगर, दीदाहेडी, जटनंगला, कसीयारा, कछौली, कल्लरपुर, बधाई खुर्द, आंखलौर, बधाई कलां शामिल हैं। कहा जा रहा है कि सुप्रिया पाल को भाजपा-रालोद गठबंधन के समर्थन से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ाया जा सकता है।
मीरापुर उपचुनाव में सुप्रिया को लड़ाने की हो चुकी थी तैयारी
चरथावल विधानसभा के गांव धौलरा के डॉ. जगबीर सिंह की बेटी मिथलेश पाल का विवाह 1982 में बाननगर गांव निवासी सेल टैक्स विभाग में कार्यरत रहे अमरनाथ पाल के साथ हुआ था। विधायक मिथलेश के परिवार में सिंचाई विभाग में कार्यरत बेटा अभिषेक, उसकी पत्नी एडवोकेट प्रविंद्र कुमारी और दूसरा बेटा सिद्धार्थ हैं। बड़ी बेटी सुप्रिया पाल की शादी शामली के जलालाबाद में निशांत पाल से हुई है। जबकि बेटी नेहा रानी की साल 2015 में हादसे में मौत हो गई थी।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार मीरापुर उपचुनाव 2024 में भाजपा-रालोद गठबंधन में रालोद के टिकट पर मिथलेश पाल के अलावा उनकी बेटी सुप्रिया पाल टिकट की दावेदार थीं। भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह से भी सुप्रिया की मुलाकात इस सिलसिले में हो चुकी थी। मिथलेश के बजाये सुप्रिया को ही मैदान में उतारना भाजपा-रालोद नेताओं की पहली पसंद थी, लेकिन रालोद के रणनीतिकारों ने नए चेहरे के रूप में सुप्रिया के बजाए उनकी मां मिथलेश के राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें ही टिकट देने पर जोर दिया और सुप्रिया को वेटिंग में रखा गया। अब यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है, ऐसे में सुप्रिया पाल जिला पंचायत की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है।






